आबू रोड, हृदयरोग विशेषज्ञ तथा कैड कार्यक्रम के निदेशक डा॰ सतीष गुप्ता ने कहा कि वर्तमान समय में हृदयरोग ने उम्र की सीमा की भी तोड दिया है। किसी भी व्यक्ति को कभी भी हृदय रोग हो सकता है। कई ऐसी समस्यायें सामने आयी है। आज तेजी से बढ रहा हृदयरोग चिंताजनक है। वे स्वस्थ जीवन प्रणाली द्वारा हृदयरोग की रोकथाम विषय पर आयोजित कैड कैम्प में देशभर से आये सौ से ज्यादा हृदयरोगियों को सम्बोधित कर रहे थे।
आगे उन्होंने कहा कि हमारी दैनिक दिनचर्या, खान-पान में बदलाव के कारण हृदयरोग तेजी से पैर पसारता जा रहा है। यदि समय रहते हम सावधान नहीं हुए तो 2020 तक भारत में प्रत्येक तीसरे व्यक्ति को हृदय रोग को खतरा हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि तन से ज्यादा हम अपने मन को स्वस्थ रखने का प्रयास करें। इसके लिए सकारात्मक सोच और राजयोग मेडिटेशन का ध्यान जरूरी है। इसके जरिये हम अपने आप बीमारियों पर अंकुश लगा सकते हैं। उन्होंने कैम्प में आये हृदयरोंगियों को सलाह देते हुए कहा कि जितना हम बताये गये नियमों का पालन करेंगे उतना ही हम स्वस्थ रहेंगे।
शान्तिवन के प्रबन्धक ब्र॰ कु॰ भूपाल ने कहा कि आज दिल के मरीज से ज्यादा मन के मरीजों की संख्या अधिकाधिक है। वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया है कि तन से ज्यादा आज लोग मन की बीमारी से ग्रसित है। हम सडकों पर भीड से तो घबराते है परन्तु मन में व्यर्थ संकल्पों एवं बुराईयों के बाढ से नहीं। जबकि हमें इससे परहेज करने की आवश्यकता है। गलोबल हास्पिटल एवं रिसर्च सेन्टर माउण्ट आबू के चिकित्सा अधीक्षक डा॰ प्रताप मिडढा ने कहा कि बीमार होने पर जितना हमें दवा की आवश्यकता होती है उससे ज्यादा कही हमें परहेज करने की आवश्यकता होती है यदि हम अपने जीवन में परहेज करना प्रारम्भ कर दे तो सहज ही इन बिमारियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
तनावमुक्त प्रबन्धन की विशेषज्ञा ब्र॰ कु॰ ऊषा ने कहा कि आज दिनोदिन मनुष्य के मन में अनेक अवांछनीय विचार भरे हुए है जिससे नकारात्मक प्रवृत्तियां घर कर गयी है। इसके कारण ही हमारी मनोवृत्ति निगेटिव हो गयी है। इसलिए शरीर का पूरा तंन्त्र खराब होता जा रहा है। इसलिए पहले अपने मन को स्वस्थ रखना होगा। कैन्सर रोग विशेषज्ञ डा॰ प्रेम मंसद ने भी अपने विचार किये। इस अवसर पर देशभर से आये रोगियों ने भी अपना अनुभव लोगों के समक्ष रखा। कार्यक्रम का संचालन ब्र॰ कु॰ बाला बहन ने किया। यह कार्यक्रम सात दिन तक चलेगा जिसमें इन्हें व्यायाम, डाईट तथा राजयोग मेडिटेशन द्वारा हृदय रोग पर रोकथाम के लिए सावधानी बतायें जायेंगे।