बीकानेर के पुष्करणा समाज के सामूहिक विवाह की तिथियाँ तय कर दी गई हैं। करीब तीन घण्टे चली बहस के बाद यह तिथि छह फरवरी तय की गई है। पं राजेन्द्र किराडू व रामचन्द्र ओझा के बीच तिथियों को लेकर शास्थार्थ हुआ। विवाह तय करने की तीन तिथियाँ सामने आई थी। बसन्त पंचमी के मुहुर्त पर काफी चर्चा हुई। पुष्करणा समाज की ओझा, भादाणी, किराडू, रंगा, जातियों के लोगों ने विवाह मुहुर्त पर तीन घण्टे विचार विमर्श कर आखिर छह फरवरी का मुहुर्त तय किया। बीकानेर की घेरुलाल जी की कोटडी में यह व्यवस्था किकाणी लालाणी व्यास ट्रस्ट द्वारा की ग्ई। ट्रस्ट के नारायण दास व्यास ने बताया कि इन तिथियों की सार्वजनिक घोषणा धनतेरस के दिन की जायेगी। जयंती नारायण व्यास ने बताया कि उस दिन जनेऊ संस्कार के कार्यक्रमों की घोषणा भी की जायेगी। पुष्करणा समाज का यह सावा उमा महेश को साक्षी मानकर तय किया जाता है। गौरतलब है कि यह सावा पूर्व में चार साल के अंतराल से तय किया जाता था जिसे अब दो साल में ही तय कर दिया गया है। हिन्दी महिनों के अनुसार यह सावा फागण बदी ४ को होगा। इस सावे को लेकर दुनियाभर के पुष्करणा समाज को उत्साह् रहता है।