जयपुर, 9 अक्टूबर। जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन में चयनित राजस्थान के तीन शहरों जयपुर, अजमेर और पुष्कर में किए जा रहे कार्यों के लिए भारत सरकार ने राजस्थान की सराहना करते हुए अन्य राज्यों से इसका अनुकरण करने को कहा है।
प्रधानमंत्री डॉ. महमोहन सिंह द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली में उद्घाटित जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में यह बात कही गई। सम्मेलन में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री जयपाल रेड्डी, नगरीय विकास व गरीबी उन्मूलन राज्यमंत्री कुमारी शैलजा, राज्यों के नगरीय विकास मंत्री और मेयर्स आदि मौजूद थे।
राजस्थान के स्वायत्त शासन सचिव डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि समीक्षा के दौरान पाया गया कि जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन कार्यक्रम के किरयान्वयन में राजस्थान देश के अग्रणी प्रदेश के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में राजस्थान के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री श्री प्रतापसिंह सिंघवी के अभिभाषण की प्रति रखी गई ।
उन्होंने बताया कि मिशन के अन्तर्गत जयपुर शहर के लिए 455.18 करोड रुपये की 6 परियोजनाएं और अजमेर-पुष्कर शहर के लिए188 करोड रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई है।
डॉ. सिंह ने बताया कि राजस्थान देश में ऐसा पहला राज्य है जहां भारत सरकार द्वारा मिशन के अन्तर्गत अजमेर-पुष्कर में पेयजल आपूर्ति के लिए बीसलपुर से पानी लाने के लिए 51.49 करोड रुपये की दूसरी किश्त भी जारी की गई है। पहली किश्त के 24 करोड रुपये व्यय किए जा चुके है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर अजमेर और पुष्कर की पेयजल समस्या का समाधान हो सकेगा और प्रतिदिन दोनों समय पेयजल आपूर्ति संभव हो सकेगी। इसी प्रकार अजमेर पुष्कर में शहरी गरीबों के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 107 करोड रुपये की योजना स्वीकृत हुई है। इस योजना में1900 मकानों का निर्माण और 3037 मकानों का पुनरुद्धार किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के साथ ही लघु एवं मध्यम शहरों की विकास योजना के अन्तर्गत राजस्थान के करीब 50 शहरों में एशियन विकास बैंक के माध्यम से आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए 1111 करोड रुपये की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है और इनके मार्च, 2009 तक पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा 1600 करोड रुपये की परियोजनाएं भारत सरकार से मंजूर करवाने की कार्यवाही की जा रही है। साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों के लिए जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज आदि के 271 करोड रुपये की परियोजनाएं और कच्ची बस्तियों के विकास और गरीब लोगों के नये घरों के लिए 200करोड रुपये के कार्य स्वीकृत हुए है।
डॉ. सिंह ने बताया कि जयपुर-अजमेर और पुष्कर शहरों में जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ बनाने के लिए पाईप लाईन डालने की योजना के लिए 1618 करोड रुपये के प्रस्ताव भारत सरकार को नवम्बर माह तक प्रषित कर दिये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन के अन्तर्गत जयपुर शहर के लिए द्रुतगामी बस सेवा संचालन (बी.आर.टी.एस.) संबंधी योजना के लिए 75 करोड रुपये, शहरी नवीनीकरण के लिए11.59 करोड, ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 13.19 करोड और जयपुर शहर के सीवरेज योजना के लिए 200 करोड रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हुई है। साथ ही कच्ची बस्ती विकास कार्यों के लिए 170 करोड रुपये के कार्य हाथ में लिए गये है जिनके पूरा होने पर जयपुर शहर में 12 हजार गरीब लोगों को नये घर बनाकर दिए जायेंगे।
जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन में कोटा, उदयपुर और जोधपुर को शामिल करने की मांग
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में रखे गये राजस्थान के नगरीय विकास और स्वायत्त शासन मंत्री श्री प्रतापसिंह सिंघवी के लिखित भाषण में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया गया कि जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीनीकरण मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत राजस्थान के अन्य बडे शहरों कोटा, उदयपुर और जोधपुर का भी चयन किया जाए। साथ ही मिशन के अन्तर्गत चयनित तीन शहरों जयपुर, अजमेर, पुष्कर के विकास के लिए रखे गये 1700 करोड रुपये के प्रावधान को बढाकर 5500 करोड रुपये किया जाना चाहिए।
सम्मेलन में अजमेर नगर विकास प्रन्यास और म्यूनिसिपल कार्पोरेशन के अध्यक्ष, जयपुर के डिप्टी मेयर, राजस्थान के प्रमुख सचिव, नगरीय विकास श्री परविन्दर सिंह पंवार, जयपुर नगर निगम के मुख्य अधिशासी अधिकारी श्री मनोहर कांत आदि वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।