बीकानेर, पुष्टिमार्ग में राग, भोग, श्रंगार के प्रणेता बिट्ठल नाथ जी जिन्हें गुसांई जी के नाम से जाना जाता है। उनका 495 वां जन्मोत्सव कल राजरतन बिहारी मंदिर में मनाया जायेगा। पत्रकारों को जानकारी देते हुए मंदिर अधिकारी ब्रजेन्द्र गोस्वामी ने बताया की जन्मोत्सव के सभी कार्यक्रम जगदगुरू पंचमपीठ धीश्वर वल्लभाचार्य के सानिध्य में मनाये जायेगें । उन्होने बताया की कल दाऊजी मंदिर के आचार्य निवास से राजरतन बिहारी मंदिर तक कलश यात्रा निकाली जावेगी। उन्होने बताया की कल मंदिर में देवीकानंद ज्योतीष कार्यलय खोला जायेगा तथा गिरधर पाठशाला खोली जायेगी जिसमें 13 वर्ष तक के बच्चों को वैष्णवधर्म की शिक्षा दी जायेगी। यह सारे कार्यक्रम अगले 5 साल तक चालू रहेगें तथा राजरतन बिहारी मंदिर के स्वरूप में बदलाव किया जायेगा जिसके तहत मंदिर के पार्क को सुन्दर बनाना तथा मंदिर के आसपास के अतिक्रमण को हटाना आदी काम होगे। जन्मोत्सव के दिन कल दिनभर जलेबी बांटी जायेगी। तथा फरवरी माह में भगवत कथा व रासलीला विश्वनाथ जी महाराज करेगें क्योकि अगले साल राजरतन मंदिर के 150 वर्ष पूरे हो जायेगे तथा एक महिने में तीन बडे कार्यक्रम आयेजित किये जायेगे जिसमें सम्प्रदाय के बडे लोगे को बुलाकर काफी लोगों को सम्प्रदाय से जोडा जायेगें। उन्होने बताया कि अभी तक देश में लगभग 9 करोड लोग वैष्णवधर्म से जुडे हुये है।