बीकानेर १० मार्च । धर्मनगरी बीकानेर के श्रीरामसर रोड स्थित धरणीधर महादेव मंदिर में महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्री लक्षचण्डी महायज्ञ में चल रहे श्रीमद्भागवत संत समागम, सुन्दर काण्ड पाठ, रास लीला में हजारों की तादात में श्रद्धालु पहुंच रहे है। प्रखर परोपकार मिशन धरणीधर संस्कृत महाविद्यालय का उदघाटन ११ मार्च को सुबह १०ः३० बजे होगा । महायज्ञ स्थल पर ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा महानगरों से भी लोगो का आना जारी है। महायज्ञ में शनिवार को मुम्बई के उद्योगपति बजरंग लाल गाडोदिया, राजस्थान वूलन इण्डस्ट्रीज एसोशिऐशन के अध्यक्ष जेठमल अरोडा सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों व चिकित्सकों ने महायज्ञ स्थल पर आकर महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखरजी महाराज से आशीर्वाद लेकर यज्ञ की परिक्रमा की व पाण्डाल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आनंद लिया। रविवार को श्रीमद् भागवत कथा सुबह ९ बजे शुरू होगी । महायज्ञ समिति के महामंत्री रामकिशन आचार्य ने बताया कि महामण्डलेश्वर स्वामी श्री प्रखरजी महाराज द्वारा स्थापित प्रख परोपकार मिशन ट्रस्ट के माध्यम से संस्कृत महाविद्यालय का उदघाटन रविवार को सुबह १०ः३० बजे प्रखर जी महाराज के सान्निध्य में होगा । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोलायत विधायक देवी सिंह भाटी व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. बी. डी. कल्ला होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षत बीकानेर विश्वविद्यालय के कुलपति सी.बी. गहना होंगे। इस कॉलेज के प्रधानाचार्य आचार्य श्री बालकिशन तिवाडी होगे। यज्ञशाला में यज्ञ के आचार्य पं. लक्ष्मीकान्द दीक्षित के सानिध्य में सभी यजमानों ने यज्ञ मण्डप में सभी आवाहित देवताओं का पूजन किया। यज्ञ मण्डप में होने वाले हवन में यजमानों द्वारा आहुतियां दी जा रही है। महायज्ञ में शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा वाचक बाल व्यास पंडित श्रीकान्त व्यास ने भी आहुतियां दी । पंडित दीक्षित ने बताया कि महायज्ञ में रविवार को कन्याकुमारी, बटुक, सुहासिनी व सौभाग्यवती पूजन के अलावा विशेष सामग्री द्वारा हवन किया जायेगा। महायज्ञ स्थल पर कोलकाता के पण्डित श्रीकान्त शर्मा ने श्रीमद् भागवत कथा में छटे दिन उधव चरित्र पर कथा करते हुए बताया कि उधव गोपियों का समझाने के लिए वृन्दावन गये है। उधव ने गोपियो को ज्ञान दिया की आसन लगाकर माला जपने से भगवान की प्राप्ति होती है। गोपियों ने उधव से कहा कि हमारे तो रोम रोम में कृष्ण बसे हुए है। उन्होंने कहा कि राधा उनकी प्रेम की भावना का जीवंत स्वरूप है। रूक्मिणी राधा के मिलन प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होने कहा कि राधा रूक्मिणी को देखकर चकित रह गई । श्रीमद्भागवत कथा के संगीत मण्डली को आज महायज्ञ समिति की ओर से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समिति के रामकिशन आचार्य, सुभाष मितल, मधूसुदन आसोपा, मनमोहन कल्याणी, राजेश चुरा, चिरजीगुरू, तोलाराम पेडवाल श्रीधर शर्मा ने इस मण्डली को स्मृति चिन्ह भेंट किए। संत सम्मेलन में बृजेशजी व्यास ने कहा कि लक्ष चण्डी महायज्ञ साक्षात मॉ भगवती का प्राकृट्य है। वहीं भागवत साक्षात भगवान कृष्ण का स्वरूप है कलिका में प्राणियों की रक्षा भागवत करता है। महायज्ञ स्थल पर चार पाठशालाओं में चल रहे दुर्गा सप्तसती के पाठों से धरणीधर क्षेत्र में वातावरण धर्ममय बना हुआ है। देर रात तक चलने वाली रासलीला के समय यज्ञ स्थल पर मेले जैसा माहौल हो जाता है।