बीकानेर। राजस्थान उच्च न्यायालय के सेवा निवृत न्यायाधीश एन.एन. माथुर आयोग के अध्यक्ष एन.एन.माथुर ने कहा है कि राज्य सरकार ने बहु सदस्यीय आयोग का गठन कर 2004-2008 तक के बीच राज्य भर में किसी भी तरह के जमीन घोटाले, भूमि के अनियमित नियमन, राज्य सेवकों तथा अन्य दुराचरण संबंधी प्रकरणों की जांच करेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि अगर कोई प्रकरण आम जनता द्वारा आयोग को प्रेषित किया जाता है, और वह प्रकरण संबंधित अधिकारी द्वारा आयोग के ध्यान में नहीं लाए जाना पाया गया तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। जस्टिस माथुर सोमवार को बीकानेर पंचायत समिति सभागार में संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक में बोल रहे थे। बैठक में आयोग के सदस्य इंद्रजीत खन्ना, एच.एन.मीणा, संभागीय आयुक्त प्रीतम सिंह, जिला कलक्टर श्रेया गुहा सहित संभाग के अन्य जिला कलक्टर, नगर विकास न्यास के सचिव, नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिका के अधिकारी उपस्थित थे। जस्टिस माथुर ने सभी अधिकारियों से कहा कि जमीन से संबंधित घोटालों के प्रकरण जब आयोग को प्रेषित करें तो उन प्रकरणों में कि्रटिकल क्या है, फैक्ट क्या है‘ की टिप्पणी के साथ प्रकरण का एनेलेसिस भी कर भिजवावें। उन्होंने कहा कि आयोग प्राप्त प्रकरण की छानबीन कर एक विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रेषित करेगा। यह रिपोर्ट गोपनीय रहेगी, जिस पर सरकार आवश्यक कार्यवाही करेगी। जस्टिस माथुर ने कहा कि सजग सरकार के इस तरह के आयोगों का गठन कर प्रदेश में फैली अफवाहों व भ्रंांतियों को दूर कर समाज को यह बताने का प्रयास करती है कि अफवाहों में सत्यता कितनी है। साथ ही अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की जाती है। उन्होंने कहा कि आयोग सभी संभाग मुख्यालयों पर जाकर भूमि से जुडे 90 बी, कन्वर्जन, स्वयं सेवी संस्थाओं को दी भूमि, अस्पताल के निर्माण के लिए दी जाने वाली जमीन व भूमि अवाप्ति जैसे प्रकरणों की छानबीन कार्य कर रहा है। वैसे तो आयोग सीधे ही ऐसे प्रकरणों को मंगवा सकता है, मगर संभाग स्तर पर बैठक कर अधिकारियों को आयोग की मंशा बताना भी शामिल है। आयोग को जो प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं उनमें आवश्यकता के अनुसार जांच भी करवायी जा रही है। जस्टिस माथुर ने कहा कि कोई आम व्यक्ति भी सादे कागज पर आवेदन कर उसके क्षेत्रा में हुए भूमि घोटाले की जानकारी आयोग को सीधे भेज सकता है। आयोग इसकी जांच करवाकर कार्यवाही करेगा। बैठक में आयोग के सदस्य इंद्रजीत खन्ना ने अधिकारियों से कहा कि आयोग को भेजे जाने वाले सभी प्रकरणों के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए जो स्थानीय प्रशासन और आयोग के बीच में सेतु का काम करेगा। नोडल अधिकारी सभी प्रकरणों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी रखेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने नगर विकास न्यास, राजस्व विभाग के बारे में अलग-अलग आदेश जारी कर उन्हें आयोग के कार्यों के बारे में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग के सदस्य एच.एन.मीणा, ने कहा कि आयोग राजस्व अधिनियम की धारा 90 बी. के तहत हुए प्रकरणों, विभिन्न संस्थाओं, व्यक्तियों, कंपनियों व ट्रस्टों आदि को नियम विरुद्ध किए गए भू आवंटन, वित्तीय लाभ आदि की जांच कर रिपोर्ट राज्य सरकार को देगा। बैठक के प्रारंभ में संभागीय आयुक्त प्रीतम सिंह ने आयोग के जस्टिस माथुर व अन्य सदस्यों का स्वागत किया तथा बीकानेर संभाग की प्रशासनिक, भौगोलिक स्थिति से अवगत करवाया। जिला कलक्टर श्रेया गुहा ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों द्वारा जो मार्ग दर्शन दिया गया है उसके अनुसार कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आयोग की मंशा अनुसार कार्य तीव्रता से किया जाएगा।