जयपुर। मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रदेश में सूखे की आशंका को देखते हुए प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को रोजगार तथा मवेशियों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोडेगी। उन्होंने कीमतों को काबू में रखने के लिए सभी संभव उपाय करने पर भी जोर दिया। गहलोत सोमवार को राजभवन में राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में गत 64 वर्षों में से 55 साल सूखे के रहे हैं, ऐसे में राज्य सरकार को क्या कदम उठाने हैं, यह आम जनता को मालूम है। किसान, अधिकारी और राजनीतिक कार्यकर्ता भी अपनी जिम्मेदारी को बेहतर रूप से जानता है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसे प्रदेशों में भी सूखे के हालात बन रहे हैं जहां सामान्यतः वर्षा की अधिकता के कारण हालात अलग होते हैं। असम, झारखण्ड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों म भी सूखे से रूबरू होना पड रहा है। गहलोत ने कहा कि इन राज्यों की स्थिति राजस्थान से अलग है। गहलोत ने नरेगा योजना की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की दूरदृष्टि का परिणाम है कि पहले से ही ऐसा काम हो गया कि रोजगार को लेकर कोई समस्या सामने नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि सूखा पडने की स्थिति में भी नरेगा में लगे लोगों को बराबर रोजगार मिलता रहेगा। यही नहीं खेती के काम में लगे दस लाख श्रमिक भी पुनः नरेगा के तहत काम पर लग जाएंगे। गहलोत ने कहा कि जहां अकाल पडा है वहां कम से कम सौ दिन के रोजगार की गारन्टी है। गरीबों के लिए इसके अलावा भी 100 दिन पूरे होने पर भी काम खुलेंगे। उन्होंने अकाल व्यवस्था को लेकर कहा कि अगर हमारी कोई कमी बतायेगा, तो हम उसे ठीक कर लेंगे। इसमें कोई अहम नहीं होना चाहिये। गहलोत ने कहा कि अभी किसी भी राज्य ने कोई ज्ञापन केन्द्र को नहीं भेजा है। प्रधानमंत्री ने परसों ही कहा है कि अभी कोई ज्ञापन नहीं मिले हैं। अभी राज्य अपने हिसाब से ही सूखे का मुकाबला कर रहे हैं। गहलोत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी सूरत में जमाखोरी एवं कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अभियान चलाना पडा तो अभियान भी चलाएंगे। गहलोत ने विश्वास जताया कि राजस्थान के व्यापारी, वाणिज्यिक संस्था, उद्योग जगत के लोग अकाल एवं सूखे की स्थिति में क्या हालात बनते हैं, इस बारे में जानते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे संकट के समय में कोई भी व्यापारी जमाखोरी एवं कालाबाजारी नहीं करेगा। गहलोत ने अपील की कि जमाखोरी एवं कालाबाजारी करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ व्यापार संघ के पदाधिकारी आगे आएं और ऐसे तत्वों को समझाएं कि कोई ऐसा गलत काम न करें जिससे राज्य सरकार को कडे कदम उठाने पर विवश होना पडे। उन्होंने उम्मीद जताई कि व्यापार एवं उद्योग जगत प्रदेश में अच्छा माहल बनाने और कीमतों को काबू रखने में राज्य सरकार की मदद करेंगे।