आबू । आबू रोड, जहाँ एक ओर युथ ब्रिगेड फैशनपरस्ती और नशाओं की लत में घिरते जा रहे वहीं संयमित जीवन जी रहे हजारों युवा ने समाज के सामने मिसाल पेश कर रहे हैं। बुरी आदतों से दूर मूल्यनिष्ठ जीवन की राह अपनाकर अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम फहरा रहे आज हजारों युवाओं ने आज समाज को बदलने का दृढ संकल्प लिया। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के शान्तिवन परिसर में 9 से 15 अगस्त, 2008 तक आयोजित स्वपरिवर्तन से विश्व परिवर्तन विषय ध्यान योग साधना शिविर में पूरे भारत से पांच हजार से भी अधिक युवा शिरकत कर रहे हैं। डायमंड हॉल में युवाओं को सम्बोधित करते हुए युवा प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि आज के युग में युवाओं को एक बेहतर समाज बनाने के लिए आगे आना चाहिए। आज युवा अपने पथ से भटक रहे है। व्यसन और बुराईयों के अधीन होते जा रहे है ऐसे वक्त में उन्हें एक सकारात्मक दिशा देनी होगी। युवाओं में तन और मन दोनों की असीम ऊर्जा है। इसे व्यर्थ न गंवाते हुए श्रेष्ठ कार्यों में लगाना चाहिए जिससे अपने साथ दूसरों का भी जीवन परिवर्तन हो सके। हमें कभी भी संगदोष में आकर अपना जीवन बर्बाद नहीं करना चाहिए, बल्कि स्व तथा दूसरों की भलाई के लिए लगाना चाहिए। ग्राम विकास प्रभाग की अध्यक्षा ब्र॰ कु॰ मोहिनी ने कहा कि हमारी दृष्टि, वृत्ति, चाल-चलन, रहन-सहन उच्चकोटि तथा श्रेष्ठ होना चाहिए जिससे दूसरों को प्रेरणा मिल सके। हम दूसरों के लिए प्रेरणादायी बने। हमारा जीवन आदर्श होगा तभी हम दूसरों को सच्ची राह दिखा पायेंगे। युवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका ब्र॰ कु॰ चन्द्रिका ने कहा कि हर एक युवा यही चाहता है कि उसे जीवन में नयी ऊंचाईयों को छुए परन्तु कभी-कभी वह अपने राह से भटक जाता है। इसके लिए जरूरी है कि हम परमात्मा के बताये गये निर्देशन को ध्यान में रखे जिससे ही हमें सच्ची राह मिल सकेगी। आदमी का साथ तो कभी हमें गलत रास्ते पर भी ले जा सकता है परन्तु ईश्वर का मार्ग सदैव सही और कल्याणकारी होता है। दिल्ली ओम शान्ति रीट्रिट सेन्टर की निदेशिका ब्र॰ कु॰ आशा ने कहा कि आज भारत को भ्रष्ट्राचार मुक्त बनाने के लिए आदर्श युवाओं की आवश्यकता है। अब सबकी निगाहें युवाओं पर टिकने लगी है। इसलिए भावी देश के कर्णधार युवाओं को अपनी जिम्मेदारी को अपने कंधों पर उठाना होगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की ब्र॰ कु॰ मुन्नी, ब्र॰ कु॰ ईशु दादी, ज्ञानसरोवर की ब्र॰ कु॰ गीता तथा अहमदाबाद से आयी ब्र॰ कु॰ कृति ने भी सम्बोधित किया।
ज्ञातव्य हो कि ये वे युवा है जो बिल्कुल ही व्यसनमुक्त, सात्विक, अहिंसक है जो प्रतिदिन राजयोग का ध्यान करते है तथा अपने जीवन में मूल्यों को उतारने का प्रयास कर रहे हैं। यह शिविर पांच दिन तक चलेगे जिससे उत्कृष्ट जीवन के लिए विभिन्न विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।