एमसीएक्स में दोबारा शुरू होने जा रहा है ग्वारसीड में वायदा कारोबार
10 Sep
2009
बीकानेर होगा प्रमुख डिलीवरी केन्द्र
बीकानेर । प्रमुख ग्वार उत्पादक राज्य राजस्थान में इस साल कम बरसात के कारण बुआई क्षेत्रफल घटने की चिंता के बीच देश के सबसे बडे कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज कारोबारियों को बेहतरीन मंच उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही ग्वारसीड में पुनः वायदा शुरू करने जा रहा है। एमसीएक्स पर अब ग्वारसीड के व्यापारी सितंबर, अक्टूबर और नवम्बर के अनुबंधों में सौदा कर सकेंगे। एमसीएक्स जोधपुर के बदले बीकानेर आधारित अनुबंध जारी करेगा तथा इसके अतिरिक्त डिलीवरी केन्द्र गंगानगर, जोधपुर, नोखा और डीसा में होंगे। इन केन्द्रों में एक्सचेंज ने सौदा करने वालों की सुविधा के लिए गंगानगर में 5 रूपये डिस्काउंट, डीसा में 30 रूपये डिस्काउंट और नोखा में अंकित मूल्य पर डिलीवरी की जा सकेगी जबकि जोधपुर में इस पर २० रूपये प्रीमियम लिया जाएगा। बीकानेर, नोखा और गंगानगर में ग्वारसीड का हाजिर सौदा बडे पैमाने पर होते है।
ग्वारसीड को राजस्थान के गंगानगर और उसके आसपास के इलाकों के अलावा जोधपुर, सिरोही, डीसा, बीकानेर, हनुमानगढ और झुंझुनूं जिले में उगाया जाता है। ग्वारसीड के एक प्रमुख व्यापारी ने बताया कि ग्वारसीड का व्यापार मानसून की प्रवृति पर निर्भर करता है और इस बार राजस्थान में मानसून डेढ महीने देरी से शुरू हुआ। मानसून के शुरू होने तक किसान ग्वारसीड को छोडकर दूसरे अनाज की बुवाई कर चुके है। अब जबकि बरसात शुरू हुई है, केवल 50 फीसदी क्षेत्रफल में ग्वारसीड की बुवाई हुई है। इससे उत्पादन घट सकता है और ग्वारसीड के मूल्यों में भारी तेजी दर्ज हो सकती है। व्यापारी के मुताबिक एमसीएक्स एक तटस्थ एवं पारदर्शी मंच है और यहां ट्रेडरों को कारोबार करने के लिए भरपूर सुविधा दी गई है। साथ ही एमसीएक्स ने बीकानेर को बेस बनाया है क्योंकि यहां ग्वारसीड की बडी मंडियां है और ९० प्रतिशत माल यहां उतरते है। बीकानेर के पास होने से ग्वारसीड के व्यापारियों को गंगानगर में भी डिलीवरी उतारने की इजाजत दी गई है। इससे उनके माल के लाने ले जाने का खर्च बचेगा। एमसीएक्स पर ट्रेडर ५ प्रतिशत आरंभिक मार्जिन के साथ 10 मेट्रिक टन ट्रेडिंग लॉट का सौदा कर सकते हैं। आर्बिट्रेजरों के लिए यह बेहतरीन मोका है। एक्सचेंज पर शुरू होने वाले ग्वारसीड के अनुबंधों में टेडिंग इकाई 10 मैट्रिक टन, कोटेशन वैल्यू 100 किलो, अधिकतम आर्डर साइज 1000 मेट्रिक टन और टिक साईज १ रूपए निर्धारित की गई है। दैनिक आधार पर इन अनुबंधों के भावों में घटबढ की सूरत में ३ प्रतिशत की उपरी सीमा तय की गई है। इस सर्किट लिमिट को छूने के बाद 1 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यानि पूरे दिन की सर्किट लिमिट 4 प्रतिशत होगी। सर्किट
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