बीकानेर। विगत दिनों यहां मुरलीधर व्यास नगर इलाके में एक शादीशुदा युवक अखिलेश शर्मा की फांसी लगाने के कारण हुई संदिग्ध मौत के मामले में अब कई सवाल उठ रहे है। हालांकि नयाशहर थाना पुलिस ने प्रथम दृष्टया इस मामले को आत्महत्या मानते हुए धारा 174 के तहत मर्ग रिपोर्ट दर्ज की है मगर पुलिस ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि मृतक अखिलेश ने किस परिस्थिति में और कैसे फांसी लगाई? पुलिस के अनुसार अखिलेश की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और इस समूचे वाकये की इत्तला उसे जरिये पीबीएम पुलिस चौकी से घटना वाली देर रात को उस समय मिली जब अखिलेश को मृत हालात में उसकी बीवी समेत दो तीन युवक पीबीएम अस्पताल लेकर आये थे। सवाल उठता है कि जब अखिलेश की मौत उसके मकान में फांसी लगाने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी तो पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से क्यों नहीं कराया? अगला सवाल यह है कि मृतक की लाश पीबीएम अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी पत्नी ने इस वाक्ये की इत्तला उसके परिजनों को क्यों नहीं दी? तीसरा सवाल जब अखिलेश ने अपने मकान में फांसी लगाई उस समय उसकी बीवी कहां थी? इन सवालों के अलावा एक सवाल यह भी उठ रहा है कि अखिलेश को फांसी के फंदे से उतारकर उसे मृत हालात में पीबीएम अस्पताल तक पहुंचाने में उनकी बीवी के साथ शामिल संदिग्ध युवक कौन थे और उन युवकों को मृतक की बीवी से क्या रिश्ता है। माना जा रहा है कि अगर पुलिस इन सवालों से जुडे तथ्यों की गहनता से तहकीकात करें तो अखिलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले का सनसनीखेज राज खुल सकता है। मगर पुलिस फिलहाल इस मामले में न सिर्फ पर्दा डालने की कोशिश में जुटी है बल्कि अखिलेश के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा भी नहीं कर रही है। इस प्रकरण को लेकर यह भी चर्चा जोरों पर है कि अखिलेश की बीवी के साथ कुछ संदिग्ध युवकों के दोस्ताना संबंध थे और यह युवक अक्सर अखिलेश के घर में ही डेरा डाले बैठे रहते थे तथा कई दफा उसकी बीवी को अपने साथ घुमाने फिराने भी ले जाते थे, अपनी बीवी के साथ इन युवकों को दोस्ताना रवैया अखिलेश को काफी समय से अखर रहा था, जिसकी उसने खिलाफत करनी शुरू कर दी और यही खिलाफत उसकी मौत का सबब बन गई।