डूंगरपुर १० अक्टूबर/जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने कहा है कि महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता आवश्यक है।
कलक्टर पवन बुधवार को स्थानीय जिला परिषद सभागार में जिला महिला सहायता समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने जिले में महिलाओं पर अत्याचारों से संबंधित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए। बैठक में उन्होंने आंगनवाडी कार्यकर्त्ता पुष्पा अहारी द्वारा अपने पति व ससुर नाथूलाल द्वारा परेशान करने की शिकायत समिति में किए जाने पर उससे संवाद किया और कांकरादरा में शिक्षाकर्मी पद पर कार्यरत नाथूलाल को पाबन्द करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने सीडीपीओ को भी समझाईश कराने के निर्देश दिए। इसी प्रकार रींछा में अनिता देवी प्रकरण पर कलक्टर ने जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक कैलाशदान जुगतावत से प्रकरण में जांच प्रगति की जानकारी ली और शीघ्र जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
इस मौके पर कलक्टर ने आगामी २५ अक्टूबर को सीमलवाडा में आयोजित होने वाले मेगा नसबंदी केंप के बारे में जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि इसमें अधिकाधिक केस लाते हुए केंप को सफल बनावें।
बैठक में पुलिस विभाग की ओर से पुलिस उपाधीक्षक कैलाशदान ने महिला संबंधी अत्याचारों पर दर्ज प्रकरणों के बारे में बताया। उन्होंने महिला हत्या के दर्ज ८ प्रकरणों में से ३ मामलों के झूठा पाए जाने, देा पर जांच जारी होने व तीन प्रकरणों में चालान हो जाने की जानकारी दी। उन्होंने बलात्कार व अन्य प्रकरणों के बारे में भी जानकारी दी।
बैठक के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक उषा राव ने स्वागत किया और विटामीन ए पोषण के चौथे चरण के बारे में जानकारी दी। उन्हने विभागीय कार्मिकों को परिवार कल्याण कार्यक्रम में मुस्तैद हो कर कार्य करने को कहा।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मनोज शर्मा, सीएमएचओ डॉ.भरत पारगी, सहायक निदेशक माज कल्याण नेमीचंद शर्मा, सभी सीडीपीओ, एलएस, महिला समिति की चंद्रकांता सुथार व तिलकनंदनी शाह समेत कई सदस्य मौजूद थे।
कचरे से कंचन का हो निर्माण जिला महिला सहायता समिति की बैठक में कलक्टर पवन ने महिलाओं को मशरूम उत्पादन के लिए जुडने का आह्वान किया और कहा कि यह कचरे से कंचन निर्माण जैसा कार्य है। उन्होंने सीडीपीओ को स्वयं सहायता समूहों को इस कार्य के लिए प्रोत्साहित करने के भी निर्देश प्रदान किए।