बीकानेर दिसम्बर। पंचायती राज संस्थाओं में पचास फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने के कारण महिला आरक्षण की लॉटरी नए सिरे से निकाली जाएगी। इसके दृष्टिगत चुनाव लडने के इच्छुक पुरूषों के दिल की धडकन तेज हो गई है। उन्हें डर सता रहा है कि जहां उनकी निगाह है, कहीं वह पद महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हो जाए। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण लागू होने के बाद प्रदेश मे पहली बार पंचायत चुनाव हो रहे हैं।इसमें पचास प्रतिशत पदों पर तो महिलाएं जिम्मेदारी निभाएंगी। पिछले चुनावों में जिला प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच व वार्ड पंच पद के लिए 33 फीसदी पदों पर महिलाओं को चुना गया। हाल में सरकार ने महिला आरक्षण को 33 फीसदी से बढाकर ५० फीसदी कर दिया है। इस कारण महिलाओं में और भी उत्साह देखा जा रहा है। वहीं पुरूषों में निराशा है। वे बेसब्री से लॉटरी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। कइयों ने तो विकल्प के तौर पर पत्नी का नाम भी चलाना शुरू कर दिया है।इस बीच निर्वाचन विभाग के आदेशों के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिये आरक्षण की प्रक्रिया यहां जिला निर्वाचन शाखा द्वारा आगामी एक दो दिन में शुरू कर दी जायेगी। चुनाव के लिये पूर्व प्रकाशित मतदाता सूचियों पर आपत्तियां प्राप्त की गई है। इन चुनावों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने से 100 से अधिक ग्राम पंचायतों की कमान महिलाओं के हाथ होगी, प्रधान, सरपंच, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य व वार्ड पंच पदों पर आरक्षण के लिये जिला मुख्यालय पर लॉटरी निकाली जायेगी। पूर्व में लॉटरी आरक्षण की ये प्रक्रिया उपखंड अधिकारी पूरी करते थे मगर इस बार जिला मुख्यालय पर होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिलाओं का आरक्षण 50 प्रतिशत होने से महिला आरक्षण नए चक्र में होगा। पंचायती राज विभाग ने इस बारे में जिला कलक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महिला आरक्षण का पुराना चऋ पूरा होने के कारण नए चक्र से महिला आरक्षण तय किया जा