मशीनी आंखें, हाथ-पैर और नकली त्वचा तो पहले ही इंसान ने बना ली है। अब बारी है तो तेज दिमाग और चुस्त शरीर वाले मशीनी इंसान की। अब मशीनी मानव यानी रोबोट कुछ सालों में शारीरिक रूप से सक्षम होंगे ही, उनकी सोच-समझ भी इंसानी दिमाग जैसी ही होगी। इंसान की वैवाहिक जरूरतों को पूरा करने में यह रोबोट न सिर्फ सक्षम होंगे बल्कि सामाजिक मान्यताओं की बेहतरीन समझ भी रखते होंगे। इस साल आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस [मशीनी दिमाग] के लिए लोइबनर पुरस्कार जीत चुके वैज्ञानिक डेविड लेवी ने दावा किया है कि अगले पचास सालों में रोबोट से शादी की जा सकेगी। इतना ही नहीं वह आपके अच्छे और सच्चे दोस्त भी होंगे। लेवी का कहना है कि रोबोट को लेकर तब तक इंसानों को कोई दिक्कत नहीं होगी। पचास साल बाद मशीनी मानवों के साथ जीते-जागते इंसानों के बीच इतना उम्दा तालमेल होगा कि उनके बीच कोई भी रिश्ता लंबे समय तक टिकाऊ और मधुर होगा। और तो और यह रोबोट इस तरह से प्रोग्राम किए जाएंगे कि वह यौन संबंधों का उपचार भी कर सकेंगे। इस विषय में वह एक कुशल चिकित्सक होंगे। कैपलिन का कहना है कि यह हो सकता है कि कुछ रोबोट वाकई किसी न किसी रूप में बहुत सेक्सी हों, लेकिन वह इंसानों के क्लोन नहीं हो सकते। विशेषज्ञों का कहना है कि मानव-मशीन संबंध अपनी-अपनी सीमाओं और अधिकारों के तहत बहुत ही रोचक होने वाले लेकिन यह मानव संबंधों को बढ़ाने का जरिया नहीं बन सकते।