बीकानेर-रामपुरिया कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय शिविर के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी हीरालाल यादव ने कहा कि अनुशासन, आत्मानुशासन और सेवा जीवन का मूल आधार है। इसलिए अध्ययन के दौरान छात्रा अनुशासन पर विशेष ध्यान देंगे तो जीवन के हर क्षेत्रा में सफलता हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के माध्यम से आस-पास के वातावरण को शुद्ध बनाने का संदेश दिया जाता है। हम जिस वातावरण में रहते उसका प्रभाव हमारे दैनिक जीवन पर पडता है। अच्छे माहौल में शुद्ध मन में शुद्ध विचार व संस्कार घर करते है। कॉलेज प्राचार्य एच.आर. वर्मा ने कहा कि स्वःप्रेरणा से प्रेरित होकर ही समाज एवं देश का विकास किया जा सकता है। इन सात दिनों में जो सामाजिक सरोकार के कार्य हुए है,उन्हें विद्यार्थी दैनिक जीवन में अपनाते हुए भविष्य में ऐसे ही कार्य करते रहेंगे तो इन शिविरों की सार्थकता साबित होगी। उन्होंने कहा कि हमारा स्वास्थ्य सफाई और शुद्ध पर्यावरण पर निर्भर है। इन शिविरों में इसी संदेश के साथ मानवीय नैतिकता की शिक्षा पर जोर दिया गया है। इस लिए छात्रा जीवन से ही इस पर अमल करना चाहिए ताकि समाज व देश के विकास में हम भागीदार बन सके। व्याख्याता मदन सैनी ने छात्रों को मन की सुन्दरता के साथ समाज को साफ-सुथरा बनाने पर जोर दिया और कहा चंद दिनों के लिए अनुशासित रहकर जीवन के उदे्श्य में सफल नहीं हुआ जा सकता। उन्होंने को व्यसन से दूर रहने और सांस्कृतिक गतिविधयों और सामाजिक सरोकार के कार्यो से जुडने पर बल दिया। शिविर प्रभारी एस.एस. सोढा ने समाज में मानवीय मूल्यों की कमी पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि भावी पीढी को देश भावना का पाठ पढाये जाने की जरूरत है।