वागडी को मिला एनबीटी की पुस्तक में स्थान
11 Mar
2008
चार साहित्यकारों की रचनाएं प्रकाशित
डूंगरपुर, प्रतिष्ठित नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘साख भरे सबद‘ में स्थानीय बोली वागडी को भी स्थान प्रदान किया गया है। पुस्तक में राजस्थान के प्रतिनिधि साहित्यकारों के साथ ही वागडी के ४ साहित्यकारों को स्थान दिया गया है।
नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा स्वर्ण जयन्ती पुस्तकमाला के तहत स्वतंत्राता के उपरांत राजस्थानी कविताओं के संकलन के रूप में प्रकाशित पुस्तक ‘साख भरै सबदः आजादी रै पछे री राजस्थानी कविता‘ में वागडी के साहित्यकार ज्योतिपुंज, भविष्य दत्त ‘भविष्य‘, उपेन्द्र अणु, व शैलेन्द्र उपाध्याय की कविताओं को स्थान मिला है। पुस्तक में ज्योति पुंज की दो कविताओं ‘ जौतराईग्या गुदा‘ व ‘वडलो‘, उपेन्द्र अणु की ‘हीरा‘ व ‘अकरामण नो दलदल‘, भविष्यदत्त भविष्य की ‘छोरी - तीन कवितावां‘ व शैलेन्द्र उपाध्याय की ‘डायलां नो जमारो‘, आंक नु पांणी‘ आदि कविताओं को स्थान दिया गया है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों प्रकाशित राजस्थानी कहानी संग्रह ‘ तीस बीसी पार‘ में वागडी साहित्यकार दिनेश पंचाल की कहानी को भी सम्मिलित किया गया है।
|