बीकानेर राज्य सरकार द्वारा चलाया गया प्रशासन शहरों के संग अभियान सिर्फ खाना पूर्ति होती जा रही है। क्योकि जब सरकार ने प्रशासन शहरों संग चलाने की घोषणा कि तो शहर के लोगो को इस अभियान से काफी उम्मीदें थी कि अब कच्ची बस्ती नियमन,स्टेट ग्रांट पटटे,सीवरज लाइन, आदी काम जल्दी पूरे होगें । लेकिन ऐसा कुछ नही हो रहा है। सभी कार्या कि सिर्फ खाना पूति कि जा रही है। अभियाना को लेकर शहर की जनता में काफी रोष है इस रोष का खामियाजा शिविर में लगे सरकारी कर्मचारी व अधिकारीयों को उठाना पडा रहा है। इनको जनता से काफी खरी खोटी सुननी पडती है। कही कही तो हालात तनाव पूर्ण होते नजर आ रहे है। कई बार तो ऐसे मौके देखने को मिले है जब शिविर में कांगेस के ही पार्षदो ने अपने काम के लिए रास्ता रोककर प्रर्दशन किया इनको रोकने के लिए पुलिस की भी सहार लेना पड चुका है। लेकिन एक खास बात है की जब सरकार को इस बात का पता है कि इन शिविरों में कभी भी कोई घटना घट सकती है लेकिन सरकार ने किसी भी शिविर में पुलिस प्रशासन का सहार नही लिए जिसके कारण कई जगहों पर जनता ने नुकसान भी किया फिर भी सरकार व यह बैठे अधिकारीयों की नींद नही खुली अब भी इन शिविरों में कोई भी सुरक्षा नही की गई है। अब तक आधे से ज्याद वार्डो में शिविर लग चुके है लेकिन जिला कलेक्ट्रर महोदय को किसी भी शिविर में भाग लेते नजर नही आई है। इससे ऐसा ही लगता है कि जिले में बडे अधिकारी भी रूचि लेते नजर नही आ रहे तो फिर आम जनता कि कौन सुनेगा। जबकि पूरे देश में सरकार कांगेस कि है नगर निगम महापौर भी सरकार का है फिर भी यह हालत है इन शिविरों कि जनता को हर बार कि तरह एक बार निराश ही हाथ लगी है। जबकि सरकार के नेता इन शिविरों को बहुत अच्छा बता रहे है लेकिन हकीकत कुछ और ही है।