जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में स्वाईन फ्लू की किसी भी सम्भावित स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अग्रिम तैयारी करने और इस बीमारी की जांच, इलाज और दवाओं की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। गहलोत मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री कार्यालय में स्वाईन फ्लू के सम्बन्ध में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। गहलोत ने प्रदेश में स्वाईन फ्लू की जांच के लिए सवाई मानसिंह चिकित्सालय में लैब की स्थापना करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन से 20 लाख रूपये की राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। गहलोत ने कहा कि जनता को स्वाईन फ्लू के बारे में वस्तुस्थिति से अवगत कराएं ताकि लोगों में अनावश्यक भय नहीं हो तथा वे जागरूक बनकर हर स्थिति में सही निर्णय ले सकें। उन्होंने सम्भागीय मुख्यालयों पर भी लैब की स्थापना करने के सम्बन्ध में प्रस्ताव तैयार करने के साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर एहतियाती उपाय करने के लिए निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिलेवार निजी चिकित्सालयों को चिन्हित कर उनसे समन्वय स्थापित करें। गहलोत ने जिलेवार जांच के लिए किट्स, टेबलेट्स, मास्क और अन्य संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की और सभी जिलों में टेस्ट किट और दवाओं की आपूर्ति के लिए भारत सरकार को पत्र लिखने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेला स्थल एवं भीड भाड वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जिलों में चिकित्सकों की सजगता और क्षमताओं में बढोतरी के लिए उपचार एवं निदान के सम्बन्ध में प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे तथा इसके लिए विशेषज्ञों को भिजवाने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्वाईन फ्लू के बारे में कोई चिंता की बात नहीं है और विभाग द्वारा सभी स्तरों पर आवश्यक सावधानी बरती जा रही है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि राजधानी जयपुर में 26 मरीजों को इलाज के लिए चिकित्सालय में दाखिल किया गया, जिसमें से 18 की जांच परिणाम नेगेटिव रहे। जो चार प्रकरण पॉजिटिव पाए गए थे, उनका पूरा इलाज किया गया और सभी स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। जबकि चार प्रकरणों की रिपोर्ट आना शेष है। अजमेर में 6 प्रकरणों में एक नेगेटिव व एक पॉजिटिव निकला, जबकि 4 की रिपोर्ट आना बाकी है। इसकी प्रकार उदयपुर में पाए गए एक प्रकरण में अभी रिपोर्ट आना शेष है। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री एमाद्दुदीन अहमद दुर्रू मियां, मुख्य सचिव श्रीमती कुशल सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. श्रीनिवासन, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आर. के. मीणा, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा ललित कोठारी, सवाई मानसिंह चिकित्सालय के अधीक्षक डाँ. नरपत सिंह शेखावत एवं सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक पनगडिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।