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विश्वविद्यालय असली हकदार बीकानेर
Comments to this Newsअफ़सोस! हमारी मरुभूमि राजस्थान का सबसे पिछड़ा संभाग रह गया है..केंद्रीय विश्वविद्यालय भी हाथ से गया. पता नहीं अशोक गहलोत को बीकानेर से हमदर्दी क्यूँ नहीं? वेटेरनरी विश्वविद्यालय का शगूफा फेंक कर राज्य सरकार कोई बहुत बड़ा काम नहीं कर रही है. वेटेरनरी कॉलेज को ही विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा रहा है और ये कॉलेज भी "विजय भवन" में ही प्रारंभ हुआ जो रियासतकालीन है. इसके अलावा मुझे बीकानेर में इतने सालों में एक भी ऐसा स्तरीय इंस्टिट्यूट बताइए जिसमे २०००-१०,००० करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश हुआ हो और जिस से यहाँ लोगों को रोजगार मिला हो जैसा की जोधपुर में IIT, AIIMS , National Law UNI., ayurved uni. इत्यादि के लिए हुआ है... अगर मैं कल्ला जी की जगह या देवी सिंह भाटी जी की जगह होता तो जन आन्दोलन करता पर फिर अफ़सोस! में एक आम आदमी हूँ जिसकी इस देश में कोई इज्ज़त नहीं ! अब तो मुझे अपने बीकानेरी होने का उतना गर्व भी नहीं जितना पहले था! काश कोई नरेन्द्र मोदी जी जैसा नेता मेरे शहर में या राज्य में होता जो private sector ki help se इस मरुस्थल में भी रोजगार के अवसर बढ़ता और infrastructure and developement करवा सकता, dr.vinay purohit (8/12/2009 1:40:58 AM)
इस मुद्दे मे एक बात साफ़ जाहिर है कि यह मुद्दा ना तो किसी कांग्रेस पार्टी का है ना बीजेपी का , इसलिए इस मौके को किसी भी स्वार्थ के तहत हाथ से नहीं निकलने देना चाहिए| शायद बीकानेर मे ये पहला मौका है जिस से बीकानेर के विकास की गति तेज हो सकती है क्युकि आज जिस तरह पैसा सिर्फ कुछ वर्ग के पास जा रहा है उसी तरह विकास भी सिर्फ कुछ जिलो का ही हो रहा है आदमी के साथ साथ अब जिलो के साथ भी अन्याय होने लगा है जनता सम्पूर्ण राज्य के लिए नेता चुनती है ताकि समूचे राज्य का विकास समानता से हो, पर पूरे राजस्थान मे ३३ जिलो मे से सिर्फ चुनिन्दा जिले जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर आदि ही विकास दर मे दौड़ रहे है इसलिए बाकि सभी जिलो पर भी उसी तरह पूरा ध्यान दिया जाये ताकि वहा रहने वाले आम आदमी को उन्नति के अवसर मिल सके| अगर हर जिले मे एक विकास का द्वार खोल दिया जाये तो हर तरफ समानता से विकास होगा| वैसे भी शिक्षा के स्तर मे बीकानेर अभी बहुत पीछे है और यहाँ की आम जनता को उच्च शिक्षा के लिए यहाँ से बाहर जाना पड़ता है केन्द्रीय विश्व विधायलय बीकानेर के लिए एक ऐसी राह है जहाँ से शिक्षा के क्षेत्र मे सुनहरी किरण निकलती है जो यहाँ के लिए एक नए सूरज से कम ना होगी, वायुयान सेवा का ना होना इस अवसर को खो देने का बहाना होगा , किसी भी नयी चीज़ की शुरुआत ही दूसरी नयी चीजों के लिए राह खोलेगी, क्युकि जब विकास की राह होगी तो अनेक रास्ते बन जायेंगे | आज ३ साल की उम्र से लेकर ३० साल से भी ज्यादा की उम्र तक का आदमी शिक्षा से जुडा रहता है तो ये सुनहरा अवसर हमारी ७०% जनता के लिए रोजगार और भविष्य की राह है| अगर ये अवसर इस बार गया तो आने वाले कई और सालो तक जनता को शिक्षा और रोजगार के लिए अपने घरो को छोड़ कर जाना होगा साथ ही एक पिछडे जिले का निवासी होने का बोझ सहना होगा | सिर्फ एक नेता को चुन लेना ही हमारे जिम्मेदारी नही बल्कि वक़्त आने पर अपने हक और भविष्य के लिए भी जागरूक रहना हमारा फ़र्ज़ होता है | सब बीकानेर वासियों और यहाँ तक उन सभी जिलो की, हमारे माननीय मुख्य मंत्री अशोक गहलोत जी से यही गुजारिश है कि वो पूरे राज्य के प्रति अपने उतरदायित्व को निभाए , Rani (8/12/2009 4:38:33 PM)
हां मे मानता हुं यह मुद्दा कोइ पार्टी का नही है फिर भी यह तो साफ़ दिख रहा है कि पुर्व मुख्यमन्त्री के द्वारा किये गये विकास की तुलना अभी के मुख्यमन्त्री से करना भुल होगी। मेने तो इस दिवाली पे अपनी ज़िदगी मे पहली बार बीकानेर को इतना सुन्दर सजा देखा, हर तरफ़ लाइटिग,फ़्व्वारे,नया सुरसागर, 4 लेन सड्कें, ट्ररेफ़िक लाइट्स,चोराहे,आदि(नगर निगम बनाना)। पब्लिक पार्क तो पहचान मे ही नही आ रहा था,सचमुच इतना सुन्दर बीकानेर पहली बार देखा। और ये तो जग जहिर है कि अशोक गहलोत का बीकानेर के लिए हमेशा सोतेला व्यवहार रहा है चाहे वो बीकानेर उदीने को जुड्वां शहर का मुद्दा हो या बीकानेर विश्वविद्यालय के लिए 11000 बजट या बीकानेर की सडको के लिये केवल 22000 बजट या गजनेर ब्रिज को स्वीक्रत ना करना कई मुद्दे है। आप भी इमानदारी से सोचिये क्या ये सब अशोक गहलोत बीकानेर के लिये करते?? पता नही उनके मन मे बीकानेर के लिये इतना बेर क्यो है? कुछ गलती हमारी भी है, हमने बी डी कल्ला जैसे नेताओ को कितनी बार जितवाया लेकिन कभी सोचा कि कल्ला ने बीकानेर के लिये आज तक क्या विकास करवाया?? इसलिये मे तो गहलोत के कार्यकाल मे बीकानेर के विकास की आशा ही नही करता, हां जोधपुर मे सब कुछ होगा इसकी गारटीं लेता हुं चाहे वो आई आई टी हो या और कुछ्। शायद हमारे माननीय मुख्यमन्त्री भुल जाते है कि बीकानेर राजस्थान का हिस्सा है, तभी तो राजस्थान के अन्य शहरो के मुकाबले बीकनेर मे कुछ भी विकास कार्य नही होते। अब ये हमे ही सोचना होगा की नगर निगम बन चुके इस सुन्दर,शान्त शहर को कब तक लोग एशिया का सबसे बडा गाव कहेगे।, रोहित शर्मा (8/13/2009 5:59:02 PM)
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