KhbarExpress www.khabarexpress.com
Welcome Guest Sign In New user! Sign Up Now | My Favourites (new)
UniqueIdea.net Softwares SMS Jokes Poems Story Time Pass Facts
Search Photo  
RSS 22 November 2009
Forum | Wallpapers | Photo Gallery | Business | Entertainment | Education | Sports | Article | City | Cartoon | Video News |
Free News on your website


केन्द्रीय विश्वविद्यालय का असली हकदार बीकानेर  Video News
11 Aug 2009

विश्वविद्यालय बीकानेर में रखने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने बैठक आयोजित


Add comment          Mail          Print          Write to Editor



Educational Short Stories in Hindi

बीकानेर। मंगलवार को विश्वविद्यालय बीकानेर में रखने की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने बैठक आयोजित की। बैठक में बीकानेर के जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, व्यापारियों तथा संघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट आर.के.दास गुप्ता, भंवरलाल पुरोहित, बीकानेर पश्चिम के डॉ. गोपाल जोशी, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ, सांसद अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व मंत्री महबूब अली, महापौर मकसूद अहमद, कांग्रेस प्रवक्ता बिट्ठल बिस्सा, भाजपा के नेता ओम आचार्य सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपनी अपनी बात रखी तथा इसके लिए नगर निगम के महापौर मकसूद अहमद ने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा शिक्षा की ओर अग्रसर रही है और आगे भी रहेगी। केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए हमारी यही कोशिश रहेगी बीकानेर में ही खुले अन्यत्र को इसका लाभ न मिले। कांग्रेस प्रवक्ता बिट्ठल बिस्सा ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय खुलने के लिए व्यास कमेटी की सिफारिशों पर ही मुख्यमंत्री महोदय ही अमल करेंगे तथा वे बीकानेर के साथ सौतेला व्यवहार नहीं होने देंगे ऐसी आशा है इसके लिए पूर्व कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी.डी.कल्ला भी इसके लिए तत्पर रहेंगे।  एडवोकेट आर.के.दास गुप्ता ने कहा कि बीकानेर को केवल वेटरनरी विश्वविद्यालय का प्रलोभन देकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय छीना जा रहा है अगर ऐसा हुआ तो बीकानेर की जनता के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि विजयशंकर व्यास कमेटी उसमें वेटरनरी विश्वविद्यालय का जिक्र ही नहीं था इसकी घोषणा बजट में हुई थी लेकिन इन दोनों विश्वविद्यालयों का कोई जोड नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का बजट कम से कम डेढ करोड रूपये का है। हमें आईआईटी व आईआईएम स्तर का इंस्टीटयूट चाहिए जो कि केवल केन्द्रीय विद्यालय पूरा करता है इसके लिए संघर्ष समिति किसी भी स्तर तक जा सकती है हम सभी पार्टियों व जनता को लेकर सरकार से मुलाकात करेंगे और उन्हें बताएंगे कि व्यास कमेटी की सिफारिशों के बाद सरकार जनता के साथ अन्याय क्यों कर रही है। सांसद अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय किसी भी हालत में बीकानेर से नहीं जाने दिया जायेगा इसके लिए मुख्यमंत्री महोदय से मिलकर विचार विमर्श किया जायेगा चाहे इसके लिए हमें संघर्ष ही क्यों न करना पडे हम यह केन्द्रीय विश्वविद्यालय लेकर ही दम लेंगे इसके लिए चाहे हमें जेल भी जाना पडे उन्होंने कहा कि धुआं जहां होता है वहां दुर्गंध आ ही जाती है। खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए पूर्ण संघर्ष करेंगे तथा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से १३ तारीख को उनके निवास पर मुलाकात सभी साथियों के साथ करेंगे अगर इसमें किसी भी प्रकार की आनाकानी की गई तो हम आंदोलन की राह पकडेंगे और अगर मुझे इसके लिए जनता इस्तीफे की मांग भी करती है तो उसके लिए मैं पीछे नहीं हटूंगा। बीकानेर पश्चिम के विधायक डॉ. गोपाल जोशी ने कहा कि मैं इसके लिए संघर्ष समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष के लिए हमेशा तैयार रहूंगा। पूर्व न्यायाधीश गिरधर आचार्य ने कहा कि यह बीकानेर की शान का सवाल है और बीकानेर को अपनी शान को कम नहीं होने देना है। पूर्व व्यापार मंडल के सोमदत श्रीमाली ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर में ही खुले इसके लिए कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन किया जायेगा। कांग्रेस की श्रीमती सुनीता गौड ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर को न देना बीकानेर के साथ भेदभाव करने जैसा होगा। व्यापार मंडल के कन्हैयालाल बोथरा ने कहा कि यह बीकानेर की आने वाली पीढी के साथ अन्याय होगा। कई लोगों ने बीकानेर में वायुयान सुविधा न होने के कारण केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर को नहीं देना मुख्य कारण बताया जबकि कई लोगों ने अजमेर में भी इस सुविधा का न होने के बावजूद भी वहां केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की कार्यवाही की जा रही है।  कई सदस्य ने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय या वेटरनरी महाविद्यालय दोनों में से किसी एक को बीकानेर का देना तय किया जा रहा है जो कि बीकानेर की जनता के साथ उचित न्याय नहीं होगा। साथ ही बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर में स्थापित हो इसके लिए कमेटी के साथ तथा अन्य जो इसके प्रति जागरूक हैं वे 13 तारीख को जयपुर पहुंचकर रामा होटल से मुख्यमंत्री के निवास तक पैदल मार्चपास्ट करते हुए मुलाकात करेंगे।




Discuss this story on KhabarExpress Forum  

More News: Central University Arjun Ram Meghwal RK Das Gupta

Pelagian Dictionary

विश्वविद्यालय
का
असली
हकदार
बीकानेर


Comments to this News

अफ़सोस! हमारी मरुभूमि राजस्थान का सबसे पिछड़ा संभाग रह गया है..केंद्रीय विश्वविद्यालय भी हाथ से गया. पता नहीं अशोक गहलोत को बीकानेर से हमदर्दी क्यूँ नहीं? वेटेरनरी विश्वविद्यालय का शगूफा फेंक कर राज्य सरकार कोई बहुत बड़ा काम नहीं कर रही है. वेटेरनरी कॉलेज को ही विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा रहा है और ये कॉलेज भी "विजय भवन" में ही प्रारंभ हुआ जो रियासतकालीन है. इसके अलावा मुझे बीकानेर में इतने सालों में एक भी ऐसा स्तरीय इंस्टिट्यूट बताइए जिसमे २०००-१०,००० करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष निवेश हुआ हो और जिस से यहाँ लोगों को रोजगार मिला हो जैसा की जोधपुर में IIT, AIIMS , National Law UNI., ayurved uni. इत्यादि के लिए हुआ है... अगर मैं कल्ला जी की जगह या देवी सिंह भाटी जी की जगह होता तो जन आन्दोलन करता पर फिर अफ़सोस! में एक आम आदमी हूँ जिसकी इस देश में कोई इज्ज़त नहीं ! अब तो मुझे अपने बीकानेरी होने का उतना गर्व भी नहीं जितना पहले था! काश कोई नरेन्द्र मोदी जी जैसा नेता मेरे शहर में या राज्य में होता जो private sector ki help se इस मरुस्थल में भी रोजगार के अवसर बढ़ता और infrastructure and developement करवा सकता, dr.vinay purohit (12/08/2009 01:40:58)


इस मुद्दे मे एक बात साफ़ जाहिर है कि यह मुद्दा ना तो किसी कांग्रेस पार्टी का है ना बीजेपी का , इसलिए इस मौके को किसी भी स्वार्थ के तहत हाथ से नहीं निकलने देना चाहिए| शायद बीकानेर मे ये पहला मौका है जिस से बीकानेर के विकास की गति तेज हो सकती है क्युकि आज जिस तरह पैसा सिर्फ कुछ वर्ग के पास जा रहा है उसी तरह विकास भी सिर्फ कुछ जिलो का ही हो रहा है आदमी के साथ साथ अब जिलो के साथ भी अन्याय होने लगा है जनता सम्पूर्ण राज्य के लिए नेता चुनती है ताकि समूचे राज्य का विकास समानता से हो, पर पूरे राजस्थान मे ३३ जिलो मे से सिर्फ चुनिन्दा जिले जैसे जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर आदि ही विकास दर मे दौड़ रहे है इसलिए बाकि सभी जिलो पर भी उसी तरह पूरा ध्यान दिया जाये ताकि वहा रहने वाले आम आदमी को उन्नति के अवसर मिल सके| अगर हर जिले मे एक विकास का द्वार खोल दिया जाये तो हर तरफ समानता से विकास होगा| वैसे भी शिक्षा के स्तर मे बीकानेर अभी बहुत पीछे है और यहाँ की आम जनता को उच्च शिक्षा के लिए यहाँ से बाहर जाना पड़ता है केन्द्रीय विश्व विधायलय बीकानेर के लिए एक ऐसी राह है जहाँ से शिक्षा के क्षेत्र मे सुनहरी किरण निकलती है जो यहाँ के लिए एक नए सूरज से कम ना होगी, वायुयान सेवा का ना होना इस अवसर को खो देने का बहाना होगा , किसी भी नयी चीज़ की शुरुआत ही दूसरी नयी चीजों के लिए राह खोलेगी, क्युकि जब विकास की राह होगी तो अनेक रास्ते बन जायेंगे | आज ३ साल की उम्र से लेकर ३० साल से भी ज्यादा की उम्र तक का आदमी शिक्षा से जुडा रहता है तो ये सुनहरा अवसर हमारी ७०% जनता के लिए रोजगार और भविष्य की राह है| अगर ये अवसर इस बार गया तो आने वाले कई और सालो तक जनता को शिक्षा और रोजगार के लिए अपने घरो को छोड़ कर जाना होगा साथ ही एक पिछडे जिले का निवासी होने का बोझ सहना होगा | सिर्फ एक नेता को चुन लेना ही हमारे जिम्मेदारी नही बल्कि वक़्त आने पर अपने हक और भविष्य के लिए भी जागरूक रहना हमारा फ़र्ज़ होता है | सब बीकानेर वासियों और यहाँ तक उन सभी जिलो की, हमारे माननीय मुख्य मंत्री अशोक गहलोत जी से यही गुजारिश है कि वो पूरे राज्य के प्रति अपने उतरदायित्व को निभाए
, Rani  (12/08/2009 16:38:33)


हां मे मानता हुं यह मुद्दा कोइ पार्टी का नही है फिर भी यह तो साफ़ दिख रहा है कि पुर्व मुख्यमन्त्री के द्वारा किये गये विकास की तुलना अभी के मुख्यमन्त्री से करना भुल होगी। मेने तो इस दिवाली पे अपनी ज़िदगी मे पहली बार बीकानेर को इतना सुन्दर सजा देखा, हर तरफ़ लाइटिग,फ़्व्वारे,नया सुरसागर, 4 लेन सड्कें, ट्ररेफ़िक लाइट्स,चोराहे,आदि(नगर निगम बनाना)। पब्लिक पार्क तो पहचान मे ही नही आ रहा था,सचमुच इतना सुन्दर बीकानेर पहली बार देखा। और ये तो जग जहिर है कि अशोक गहलोत का बीकानेर के लिए हमेशा सोतेला व्यवहार रहा है चाहे वो बीकानेर उदीने को जुड्वां शहर का मुद्दा हो या बीकानेर विश्वविद्यालय के लिए 11000 बजट या बीकानेर की सडको के लिये केवल 22000 बजट या गजनेर ब्रिज को स्वीक्रत ना करना कई मुद्दे है। आप भी इमानदारी से सोचिये क्या ये सब अशोक गहलोत बीकानेर के लिये करते?? पता नही उनके मन मे बीकानेर के लिये इतना बेर क्यो है? कुछ गलती हमारी भी है, हमने बी डी कल्ला जैसे नेताओ को कितनी बार जितवाया लेकिन कभी सोचा कि कल्ला ने बीकानेर के लिये आज तक क्या विकास करवाया?? इसलिये मे तो गहलोत के कार्यकाल मे बीकानेर के विकास की आशा ही नही करता, हां जोधपुर मे सब कुछ होगा इसकी गारटीं लेता हुं चाहे वो आई आई टी हो या और कुछ्। शायद हमारे माननीय मुख्यमन्त्री भुल जाते है कि बीकानेर राजस्थान का हिस्सा है, तभी तो राजस्थान के अन्य शहरो के मुकाबले बीकनेर मे कुछ भी विकास कार्य नही होते। अब ये हमे ही सोचना होगा की नगर निगम बन चुके इस सुन्दर,शान्त शहर को कब तक लोग एशिया का सबसे बडा गाव कहेगे।, रोहित शर्मा (13/08/2009 17:59:02)



 
Post Your Comments to this News
 Posting Rules
 
  Name: Email:
 

Top Story of The Day
Latest Articles

22th National Sports competition held at Adarsh Vidhya Mandir, Ganagshahar

Low investment, high return invest in property

Katrina Kaif and Akshay Kumar in Movie De Dana Dan


Education Special

All right reserved by Khabarexpress.com
Contact Us | Archives | Sitemap | Can't see Hindi ?
Special Edition: Lakshchandi Mahayagya, Camel Festival 2007, Vartmaan Sahitya, Bikaner Udyog Craft Mela
Our Network rajb2b.com | khabarexpress.com | uniqueidea.net | PelagianDictionary.com | hindinotes.com
Developed & Designed by Pelagian Softwares