जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री एमादुद्दीन अहमद खान ने कहा है कि सरकार राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्घ अस्पतालों में भी हृदय रोग से संबंधित शल्य चिकित्सा इकाई स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है । खान आज यहां सिटी-सीएमई-2009 कार्डियक सर्जरी कॉन्फ्रेन्स के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे बोल रहे थे । उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवाओं के मामले में जयपुर उत्तर भारत में अपनी खास पहचान रखता है। सवाई मानसिंह अस्पताल के अलावा जयपुर में चल रहे निजी अस्पतालों में भी हृदय शल्य चिकित्सा की सुविधाएं उपलब्ध हैं। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि आमजन को हृदय रोगों के निदान की सुविधा सुलभ हो इस दिशा में सरकार बहुत संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सरकार बी.पी.एल. परिवार के मरीजों को मुख्यमंत्री जीवन रक्षा कोष योजना के माध्यम से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवा रही हैं और बी.पी.एल. परिवार के मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भी यह सुविधा मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का यह प्रयास है कि सरकारी अस्पताल में मरीजों की आवक अधिक होने के कारण ईलाज के लिए काफी इंतजार करना पडता है । इसे ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही एक पृथक संस्थान स्थापित किया जा रहा है जिसमें हृदय विज्ञान और हृदय शल्य चिकित्सा से संबंधित सभी रोगों का ईलाज संभव होगा । खान ने कहा कि यहां स्थापित किया जा रहा यह संस्थान पूर्णतः वातानुकूलित होगा तथा इसमें 250 शैय्याओं सहित, नई कैथ लैब, आई.सी.यू, ऑपरेशन थियेटर्स, पोस्ट ऑपरेटिव वार्डस, तथा लेबोरेट्री आदि की व्यवस्था होगी । उन्होंने भरोसा जताया कि आधुनिक उपकरणों सहित इस संस्थान के लिए आवश्यक धन राशि की कोई कमी नहीं आने दी जायेगी । खान ने यह भी बताया कि राज्य सरकार हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में निजी अस्पतालों को भी बढावा देने की पक्षधर है ताकि समय पर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों एवं आमजन को उपचार मिल सके । इससे निजी क्षेत्र के अस्पतालों को बढावा मिलेगा । समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा शिक्षा ललित कोठारी ने कहा कि हृदय रोगों की बढोत्तरी में आधुनिक जीवन शैली की बडी भूमिका है । चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 सितम्बर से प्रारम्भ हो रही स्वास्थ्य चेतना यात्रा की चर्चा करते हुए कोठारी ने कहा कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंच कर उन्हें चिकित्सा सेवाओं का लाभ पहुंचाने का यह अनूठा अभियान है । उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों को भरने के संबंध में शीघ्र ही कार्यवाही कर ली जायेगी । आयोजन समिति के अध्यक्ष, डॉ. करण सिंह यादव ने हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एस.एम.एस. अस्पताल में विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यो को उल्लेखनीय बताया और सुझाव दिया कि सरकार द्वारा हृदय शल्य चिकित्सा हेतु अधिक संसाधन उपलब्ध करवाये जायें । प्रारम्भ में सम्मेलन के अध्यक्ष, डॉ. सी.पी. श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन की रूपरेखा बताई । उन्होंने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में शिक्षण-प्रशिक्षण के साथ-साथ आधुनिक शोध पर चर्चा होगी । अन्त में सम्मेलन के महासचिव, डॉ. आर. एम. माथुर ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया । खान ने इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया ।