जयपुर। सहकारिता मंत्री परसादी लाल मीणा ने ग्लोवल वार्मिंग के कारण तेजी से आ रहे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने में भागीदार बनते हुए प्रदेशवासियों से राजस्थान के हरित राजस्थान अभियान से जुडते हुए व्यापक स्तर पर प्रदेश में पौधारोपण करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड-पौधों को भगवान मानकर पूजा जाता है और आदि काल से ही वृक्षों के महत्व, प्रकृति के संरक्षण में उनके योगदान और मानव स्वास्थ्य पर पडने वाले प्रभाव से सजग रहे हैं। मीणा आज यहां राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबन्ध संस्थान में प्रमुख सचिव सहकारिता चन्द्र मोहन मीणा एवं प्रशासक अपेक्स बैंक रवि माथुर के साथ आम व नीलकण्ठ का पौधा रोपकर वृक्षारोपण कार्यक्रम व राइसम में तैयार किये जा रहे हरबेरियम, फ्रूट प्लान्टेशन व ग्रीन हाउस का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सारी दुनिया ग्लोवल वार्मिंग से चिंतित है, प्रकृति का अन्धा धुन्ध दोहन करने से यह समस्या विकराल हो गई है और देश व्यापी सूखा, सुनामी, रेगिस्तान में बाढ, प्राकृतिक प्रकोप आदि इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते सुधारात्मक प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढी हमें माफ नहीं करेगी। विभाग के प्रमुख शासन सचिव चन्द्र मोहन मीणा ने बताया कि राइसम में साढे चौदह लाख रुपए की लागत से हरबेरियम, फ्रूट प्लान्टेशन और ग्रीन हाउस तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे राइसम में प्रशिक्षण प्राप्त करने आने वाले काश्तकारों, सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और सहकार कार्मिकों को औषधीय पौधों, फलदार पौधों को लगाने, उनके रखरखाव व उपयोगिता की जानकारी दी जा सकेगी। मीणा ने बताया कि राज्य में सहकारी संस्थाओं के परिसरों में एक लाख से अधिक पौधे लगाये जा चुके हैं। राजस्थान राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक रवि माथुर ने इसे अच्छी पहल बताते हुए कहा कि पौधारोपण के साथ ही इनकी सार-संभाल पर भी पूरा ध्यान दिया जाये। राइसम के निदेशक रामावतार जैन ने हरबेरियम व फ्रूट प्लान्टेशन योजना की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त रजिस्ट्रार लक्ष्मी बैरवा, आर.के. मीणा, अतिरिक्त निदेशक राइसम अशोक जोशी व राज्य व राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया।