बीकानेर, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मंगलवार को डूंगर महाविद्यालय में ’मौलाना आजाद के सपनों के भारत में उच्च शिक्षा’ विषयक गोष्ठी आयोजित की गईमुय वक्ता कॉलेज के पूर्व उप प्राचार्य डा डीसी जैन ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परपरा की धारा के एक सचे पुत्र के रूप में मौलाना आजाद को देखने की आवश्यकता है। मौलाना आजाद के सपनों के भारत को साकार करने से मौजूदा संकट से बचा जा सकता है। उन्होंने वर्तमान में उच्च शिक्षा के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों की विस्तार से चर्चा की । पूर्व में डा नरेन्द्र नाथ ने मौलाना आजाद के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान भारत के बहु संस्कृतिवाद के समक्ष उत्पन्न तत्वों से बचने के लिए मौलाना आजाद के विचारों की शरण में जाने की जरूरत है। अध्यक्षता करते हुए उप प्राचार्य डा आरएन माथुर ने मौलाना आजाद को एक सचा मुसलमान बताते हुए उन्हें गंगा जमुनी संस्कृति का सचा हामी बताया। डा जैन ने उच्च शिक्षा की गिरती गुणवता के संबंध में व्यक्त चिंता से सहमति जताई। गोष्ठी का संचालन डाआरके सक्सेना ने किया। ऑल इण्डिया मूस्लिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा मंगलवार को राष्ट्रीयता के प्रतीक मोलाना आजाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुय अतिथि महापौर हाजी मकसूद अहमद थे। अध्यक्षता शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अब्दुल मजीद खोखर ने की। इस अवसर पर युवा कांग्रेसी अनवर अजमेरी, उमरदराज, ज्ञान प्रकाश बारासा, मोहमद अली खिलजी आदि ने विचार रखें।