मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार गहलोत के नाम का निर्णय विधायकों की राय, पर्यवेक्षकों के ऑब्जर्वेशन और सोनिया गांधी सहमति से हुआ
जयपुर, राजस्थान मे कॉग्रेस के अस्पष्ट बहुमत से जीतने के बाद मुख्यमंत्री तय करने के लिए तीन दिनो से चल रही कवायद के बाद आज हुई कॉग्रेस की विधायक दल की एक महत्वपुर्ण बैठक मे सर्वसम्मति से राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नयी सरकार के मुख्यमंत्री के रूप मे चुन लिया गया है।
कॉग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत पूर्व मे 1998-2003 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके है।
मुख्यमंत्री की दौड मे कॉग्रेस के वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी और निर्वतमान प्रदेशाध्यक्ष डॉ बीडी कल्ला के अपनी अपनी सीटे खो देने के बाद अशोक गहलोत लगभग मुख्यमंत्री के रूप मे तय थे लेकिन किसान वर्ग और वैकल्पिक उम्मीदवार मे रूप मे अन्य लोगो की दावेदारी के बीच सभी ने निर्णय कॉग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी पर निर्णय छोड दिया। सोनिया गांधी ने विधायको की राय और पर्यवेक्षकों की सहमति से मुख्यमंत्री खुद ही तय करने को कहा जिसे पर निर्णय छोड दिया गया है।
केन्द्र से आये पर्यवेक्षक दिग्जिवजय सिंह ने विधायकों की बैठक मे रायशुमारी की जिसमे अशोक गहलोत के पक्ष मे सर्वाधिक विधायकों ने सहमति दी और फिर दिग्विजय सिंह ने अशोक गहलोत के नाम को सुनिश्चित करते हुए सोनिया गांधी की स्वीकृति के लिए भेज दिया और वहां से गहलोत नाम को हरी झण्डी दे दी गई।
मुख्यमंत्री के नाम घोषणा होते ही गहलोत के निवास पर खुशी की लहर दौड पडी। राजस्थान भर के कॉग्रेस कार्यालयों मे और कार्यकर्ताओं ने जमकर खुशियाँ मनाते हुए आतिशबाजी की व मिठाई बांटी।