राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने ली राज्य के शैक्षणिक नवाचारों को जानकारी 12 Jan
2008
शासन सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के साथ हुई मुलाकात के दौरान सदस्यों ने बताया कि चार राज्यों राजस्थान, उडीसा, दिल्ली और आंध्रप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्रा में सर्वोत्तम कार्य किया जा रहा है। विशेष रूप से राज्य में अंग्रेजी भाषा को पहली कक्षा से लागू करना, पुस्तकालयों का सदृढीकरण, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, आई.टी.आईज की स्थापना आदि कार्य राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की मंशा के अनुरूप किए जा रहे हैं।
जयपुर, राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के सदस्यों ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्रा में किए जा रहे नवाचारों की प्रशंसा की है।
आज यहां शासन सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के साथ हुई मुलाकात के दौरान सदस्यों ने बताया कि चार राज्यों राजस्थान, उडीसा, दिल्ली और आंध्रप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्रा में सर्वोत्तम कार्य किया जा रहा है। विशेष रूप से राज्य में अंग्रेजी भाषा को पहली कक्षा से लागू करना, पुस्तकालयों का सदृढीकरण, रोजगारोन्मुखी शिक्षा, आई.टी.आईज की स्थापना आदि कार्य राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की मंशा के अनुरूप किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे ने आयोग के अध्यक्ष श्री सेम पित्रोदा से आग्रह किया कि वे राज्य को शैक्षणिक ऊंचाइयों पर ले जाने की दृष्टि से एक ब्लू प्रिंट तैयार करें ताकि आगामी बजट में उसे अमल में लाया जा सके। मुख्यमंत्री ने आयोग अध्यक्ष से ऐसी सिफारिश करने का भी आग्रह किया जिससे शिक्षा के क्षेत्रा में पूरे देश में एक व्यवस्था लागू हो और शिक्षा का समानीकरण किया जा सके।
श्रीमती राजे ने आयोग को बताया कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र म अनेक नवाचार लागू किए गए हैं। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता बढाने की दृष्टि से भी कई कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान एजूकेशन इनीशिएटिव, रोजगार प्रशिक्षण, बालिकाओं को छात्रावृत्तियां व अन्य सुविधाएं देने, पुस्तकालयों को उन्नत करने, नालेज सेंटर व आई.टी.आई. खोलने जैसे कार्य करके राज्य में शिक्षा का स्तर बढाने के प्रयास किए गए हैं। राज्य में निजी सहयोग से नए कॉलेज और स्कूल खोले गए हैं। ई मित्रा और ई गवर्नेंस के जरिए युवाओं को नई तकनीक से जोडा जा रहा है। कम्प्यूटर शिक्षा, अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा को बढावा देकर भूमंडलीकरण के दौर में युवाओं को सक्षम बनाया जा रहा है। स्कूल, कॉलेज आदि के भवनों का खाली समय में उपयोग कर संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा रहा है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री घनश्याम तिवाडी और शिक्षा मंत्री श्री कालीचरण सर्राफ ने आयोग को राज्य में चलाई जा रही विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी। राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष श्री सेम पित्रोदा ने इस अवसर पर बताया कि आयोग २१वीं सदी की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा का आधारभूत ढांचा तैयार करने और शिक्षण संस्थाओं के पुनर्गठन के लिए प्रधानमंत्री की सलाहकार समिति के रूप में वर्ष २००५ से काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि आयोग साक्षरता, अनुवाद, पुस्तकालयों, भाषा, नेटवर्क और पोर्टल के माध्यम से स्कूली व रोजगारोन्मुखी, उच्च, व्यावसायिक और दूरस्थ शिक्षा को सुदृढ करने के कार्य में जुटा हुआ है। आयोग ज्ञान के वर्तमान ढांचे में सुधार करके भविष्य में ज्ञान के नए आयामों की खोज करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में शिक्षा का बजट पांच गुना बढाया गया है।
उन्होंने राज्य सरकार को सलाह दी कि वह राज्य में विश्वविद्यालयों के स्तर में सुधार करे और सम्बद्ध कॉलेजों को स्वतन्त्रा कर सुदृढ बनाने की व्यवस्था करे।। श्री पित्राोदा ने उन प्रयासों की सराहना की जो राज्य सरकार आयोग की अनुशंषा से पहले ही लागू कर रही है।
उन्होंने बताया कि देश में ५७ हजार पुस्तकालयों को सुदृढ बनाया जाएगा। अनुवाद कार्यों से लाखों लोगों को रोजगार दिलाया जाएगा और लगभग ५०० लोकेशन्स को ब्रॉड बेन्ड से जोडा जाएगा। श्री पित्राोदा ने बताया कि आयोग सत्राह राज्यों का दौरा कर ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत क्रियान्वित किए जाने वाले शैक्षणिक कार्यक्रमों और वित्तीय प्रावधानों के सम्बन्ध में एक कार्य योजना बनाएगा।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री दीपक नैयर और शैक्षणिक सलाहकार श्री एस. रघुनाथन ने राज्य में शिक्षा को बढावा देने के अनेक उपाय सुझाए।
राज्य आजीविका मिशन के उपाध्यक्ष श्री मिठ्ठालाल मेहता ने बताया कि विभिन्न निजी कम्पनियों और सरकारी विभागों के सहयोग से ग्रामीणों और गरीबों को रोजगार प्रशिक्षण देने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि राज्य में मानव संसाधन क्षमता विकसित की जा सके।
बैठक में प्राथमिक, उच्च, मेडिकल, तकनीकी एवं विधि शिक्षा से जुडे अधिकारियों ने राज्य में चलाई जा रही विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी।