नहर बंद की तो हैड पर कब्जा किसानों के नियंत्रण में
12 Mar
2008 गेहूं की फसल पकाई के लिए सात रोजा बारी की मांग को लेकर बिरधवाल हैड पर कब्जा करने पहुंचे किसानों ने पुलिस द्वारा रोक जाने के बाद हैड के समीप पडाव शुरू कर दिया है। नेताओं ने घोषणा की है कि गुरुवार सुबह नहर बंद करने की कौशिश की तो किसान हैड पर कब्जा कर इसका नियंत्रण अपने हाथों में ले लेंगे।
सूरतगढ, 12 मार्च। गेहूं की फसल पकाई के लिए सात रोजा बारी की मांग को लेकर बिरधवाल हैड पर कब्जा करने पहुंचे किसानों ने पुलिस द्वारा रोक जाने के बाद हैड के समीप पडाव शुरू कर दिया है। नेताओं ने घोषणा की है कि गुरुवार सुबह नहर बंद करने की कौशिश की तो किसान हैड पर कब्जा कर इसका नियंत्रण अपने हाथों में ले लेंगे।
किसान व्यापारी मजदूर संघर्ष समिति के आह्वान पर इलाके के सैकडों किसान सरदारपुरा लाडाना की पुली के पास एकत्रित हुए। यहां पर किसान नेताओं ने मंत्रणा कर हैड पर कब्जे के लिए पैदल मार्च का निर्णय लिया। इसके बाद किसान अपने वाहनों से अनूपगढ शाखा की बुर्जी नं. 15 पर पहुंचे। यहां पर पहुंचे काश्तकारों ने नारेबाजी करते हुए संघर्ष समिति के अगुवा नेता पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, अध्यक्ष संत लेखासिंह, संयोजक राजेन्द्र भादू, पूर्व प्रधान साहबराम पूनियां, पवन दुग्गल आदि के नेतृत्व में नहर की पटरी-पटरी हैड की तरफ रवाना हो गये। किसानों का एक काफिला दूसरे रास्ते से मदन कस्वां व भागीरथ जाखड के नेतृत्व में हैड के पास पहुंच गया, जिन्हें पुलिस बल हैड से करीब 400 फीट दूर रोक लिया। इसके कुछ समय बाद बुर्जी संख्या 15 से रवाना किसान पौने चार किलोमीटर का पैदल मार्च करते वहां पहुंच गये। किसानों ने हैड की तरफ जबरन जाने का प्रयास किया तो पुलिस अधिकारियों ने तनातनी हो गई। इससे एक बारगी तनावपूर्ण स्थिति बन गई। लेकिन अधिकारियों व किसान नेताओं ने समझाइश कर माहौल को शांत कर दिया।
पुलिस बल द्वारा रोकने के बाद किसान नेताओं ने अनूपगढ शाखा की तरफ हैड के पास पडाव डालने की घोषणा कर दी तो किसान वहीं बैठ गये। इस दौरान हुई सभा को सम्बोधित करते हएु पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने कहा कि हम शांति पूर्वक हक का पानी मांग रहे हैं लेकिन सरकार पानी की बजाय जुल्म ढहा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जायेगा। समिति के संयोजक राजेन्द्र भादू ने कहा कि अगर सात रोजा पानी नहीं दिया गया तो गेहूं की फसल नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सूरतगढ ब्रच में गत 50 दिनों तथा कंवरसेन लिप्त से 40 आरडी तक दो महीनों से पानी दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों के काश्तकारों को 2 बारी पानी दिया जाए। भादू ने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन ने किसानों से जबरदस्ती की तो इसके बाद सिलसिलेवार हैडों पर कब्जे किये जाएंगे।
समिति के अध्यक्ष संत लेखासिंह ने कहा कि अगर पर्याप्त पानी नहीं दिया गया तो गेहूं तो दूर पशुओं के लिए चारा भी मुनासिब नहीं होगा। पूर्व प्रधान साहबराम पूनियां ने कहा कि पानी है तो किसानों का जीवन है और पानी के लिए किसान किसी भी हद तक जा सकते हैं।
इसके अलावा सभा को कुलदीपसिंह जज, श्योपतराम मेघवाल, का. लक्ष्मणसिंह, हनुमान कडवासरा, पूर्व प्रधान पवन दुग्गल, महेन्द्र तरड, भजनलाल कामरा, कालु थोरी, राजू जाट, अनिल गोदारा, पार्षद मदन ओझा, माकपा तहसील सचिव लक्ष्मण शर्मा, विनोद चौधरी आदि ने सम्बोधित किया।
पडाव की घोषणा के बाद पडाव के पास स्थित मंदिर में लंगर की व्यवस्था शुरू कर दी गई। किसान स्वयं ही चाय, भोजन आदि बना रहे हैं। उधर, पुलिस प्रशासन की भी पडाव शुरू होने के बाद जवानों व कर्मियों के लिए भोजन व्यवस्था करनी पडी है। प्रशासन को आशा थी कि शाम तक किसानों का आंदोलन निपट जायेगा। इस कारण उन्होंने वहां तैनात पुलिस-प्रशासन के कर्मियों के लिए मात्र चाय की व्यवस्था की थी। मगर पडाव शुरू होने के बाद प्रशासन को भी भोजन व्यवस्था के साथ हैड पर पर्याप्त रोशनी आदि की व्यवस्था करनी पडी है।
उधर, पुलिस प्रशासन ने बिरधवाल हैड पर सुरक्षा के माकूल बंदोबस्त किये हैं। जहां प्रशासनिक व्यवस्था की बागडोर अतिरिक्त कलेक्टर करणसिंह ने संभाल रखी है। वहीं कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी अति. पुलिस अधीक्षक, श्रीगंगानगर महीपाल सिंह ने सुपुर्द की गई है। इसके अलावा तीन कार्यपालक मजिस्ट्रेट के रूप में उपखण्ड अधिकारी रामदेवसिंह बेनीवाल, तहसीलदार हर्षवर्धनसिंह राठौड, उप पंजीयक कैलाशचन्द्र शर्मा के साथ पुलिस उप अधीक्षक नाजिम अली खान, केसरीचंद जांदू व हरिराम, राजियासर थाना प्रभारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, सूरतगढ थानाधिकारी नंदलाल सैनी सहित बडी तादाद में पुलिस जवान, आरएसी की कम्पनी तैनात की गई है।
इसके अलावा पुलिस के गोताखोर विशेषज्ञों के साथ अन्य साजो-सामान की व्यवस्था की गई है। सादी वर्दी में पुलिस जवान तैनात किये हैं। इसके अलावा खुफिया तंत्र भी पल-पल की घटना पर नजर रखे हुए है।