जयपुर, स्वतंत्रता सेनानी श्री नन्द किशोर शर्मा का आज अलवर जिले के रामगढ में राजकीय सम्मान के साथ अन्तिम संस्कार किया गया। उनका निधन मंगलवार की देर रात हो गया था। सत्तासी वर्षीय श्री शर्मा अपने पीछे पत्नी अशर्फी देवी के अलावा ५ पुत्र व २ पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड गये हैं।
स्वतंत्रता सेनानी स्व. शर्मा को मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र दयानन्द शर्मा ने दी। इससे पूर्व पुलिस जवानों ने स्वतंत्रता सेनानी को अन्तिम विदाई देते हुए उनके सम्मान में तीन चक्र गोलियां चलाई। राज्य सरकार की ओर से रामगढ के उपखण्डाधिकारी श्री राम लाल गुर्जर ने श्री शर्मा को श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढाया तथा पूर्व विधायक श्री ज्ञान देव आहूजा एवं पुलिस उपाधीक्षक ने भी पुष्पचक्र चढाया।
विधायक जुबेर खां, प्रधान जवाहर जैन, सरपंच रामजी लाल, नायब तहसीलदार घनश्याम शर्मा, एसएचओ के एल मीणा ने स्वतंत्रता सेनानी को श्रृद्धांजलि अर्पित की। दिवंगत श्री शर्मा का जन्म विक्रम संवत १९७८ को रामगढ में हुआ था। वारफण्ड की जबरन वसूली के खिलाफ रामगढ की जनता को जागृत करने के उद्देश्य से वे प्रजामण्डल के प्रचार-प्रसार में जुडे। श्री शर्मा ने १९४६ में गैर जिम्मेदार मिनिस्टरों कुर्सी छोडो आन्दोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा जेल में अनेक यातनाओं को सहा।