चौथ वसूली और ब्लैकमेलिंग का आरोपी ललित शर्मा माकपा से निष्कासित
सूरतगढ, 12 जून। सरकारी महकमों में चौथ वसूली और पार्टी का रौब दिखलाकर अधिकारियों को ब्लैकमेल करने के आरोपी डीवाईएफआई के जिला कमेटी सदस्य ललित शर्मा को माकपा ने एक वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
माकपा सचिव लक्ष्मण शर्मा की अध्यक्षता में यहां करनाणी धर्मशाला में आयोजित पार्टी की बैठक में सदस्यों ने इस बात पर कडा रोष प्रकट किया है कि ललित शर्मा की करतूतों की वजह से क्षेत्र में पार्टी को भारी नुकसान हो रहा है। सदस्यों ने खुले आरोप लगाए कि पार्टी की आड में इस व्यक्ति ने कच्ची बस्ती में रहने वाले बीपीएल परिवारों को कार्ड दिलवाने का झांसा देकर उनसे 10-10 रुपये इकट्ठे किए और हजम कर गया।
इसी तरह सदस्यों ने कहा कि ललित शर्मा प्रायोजित रूप से सरकारी महकमों के खिलाफ प्रदर्शन करता है और शाम को उसी महकमे के भ्रष्ट अधिकारी के साथ पार्टी में मस्त मिलता है।
पार्टी सदस्यों ने कहा कि इस व्यक्ति की करतूतों का खामियाजा पूरी पार्टी को भुगतना पड रहा है इसलिए इसे तुरन्त प्रभाव से पार्टी से निकाला जाए। सदस्यों के आरोपों पर सहमति व्यक्त करते हुए वरिष्ठ नेता लक्ष्मण शर्मा व पार्षद मदन ओझा ने आपसी विचार-विमर्श के बाद ललित शर्मा को पार्टी से एक वर्ष के लिए निष्कासित करने का निर्णय ले लिया। निर्णय जिला कमेटी को भेज दिया गया है।
मानहानि का मुकदमा खारिज
सूरतगढ। डीवाईएफआई के जिला कमेटी सदस्य ललित शर्मा द्वारा ‘दैनिक हाईलाइन’ के खिलाफ किए गए मानहानि के मुकदमें को आज न्यायालय ने प्रथम दृष्टया खारिज कर दिया।
दैनिक हाईलाइन ने अपने 31 मार्च 08 के अंक में ‘उद्देश्य जनहित या चौथ वसूली?’ शीर्षक से एक टिप्पणी प्रकाशित की थी। समाचार पत्र ने जनहित एवं जनता को जागरुक करने के वास्तविक कर्तव्य को निभाते हुए यह समाचार प्रकाशित किया था।
ललित शर्मा ने इस समाचार को अपनी तौहीन समझा और रुष्ट होकर समाचार पत्र के निदेशक प्रवीण अरोडा, सम्पादक हरिमोहन सारस्वत एवं ब्यूरो चीफ राजेन्द्र उपाध्याय के खिलाफ दफा 500 भादंसं में मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रट एवं सिविल जज श्रीमती मंजू चौहान ने प्रार्थी के बयान लेकर पूरे मामले का विवेचन करते हुए आज खुली अदालत में प्रथम दृष्टया इस मामले को निरस्त कर दिया।