डूंगरपुर १२ जुलाई/जिला कलेक्टर नीरज के पवन ने गुरूवार को नवनिर्मित बेणेश्वरधाम एनीकट एवं सोम कमला आंबा बांध का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने एनीकट और बांध की जल भराव क्षमता और आपातकालीन परिस्थितियेां में किए जाने संबंधी प्रबन्ध के बारे में जानकारी प्राप्त कर मौजूद अधिकारियों को दिशा निर्देश प्रदान किए। आज दोपहर बेणेश्वरधाम के समीप टीएडी मद से निर्मित एनीकट पहुंच इसकी विशालता पर आश्चर्यव्यक्त किया और देर तक यहां संग्रहित जल राशि को निहारा। कलेक्टर ने यहां मौजूद उपखण्ड अधिकारी बिहारीलाल मीणा से एनीकट निर्माण संबंधी तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्हने यहां वर्षा के दौरान बह कर आने वाले कचरों व अपशिष्टों को निकालने संबंधी प्रक्रिया के बारे में भी पूछा और आवश्यक जानकारी ली। एनीकट में संग्रहित विशाल जल राशि को देखकर स्वयं कलेक्टर भी अभिभूत हो गए और कहा कि एनीकट के माध्यम से जिले में पर्यटन विकास के प्रयास किए जायेंगे। कलेक्टर ने कहा कि मेलावधि में यहां पर नौकाविहार की व्यवस्था की जाएगी जिससे यहां आने वाले विदेशी पर्यटक श्रद्धा के सैलाब के साथ-साथ नौका विहार के आनन्द की भी अनुभूति कर सकें। इस दौरान उन्हने उबड-खाबड और दलदल युक्त रास्तों पर पैदल चलते हुए संपूर्ण एनीकट के जल भराव क्षेत्र का अवलोकन किया। यहां से प्रस्थान करने के बाद कलेक्टर ने जिले के सबसे बडे जलस्त्रोत सोमकमला आंबा डेम पहुंचे। पहली बार सोमकमला आंबा बांध पहुंचे जिला कलेक्टर ने बांध में संग्रहित अपार जल राशि को देखकर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि जल संरक्षण के अधिकाधिक प्रयास वर्तमान समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने यहां मौजूद कनिष्ट अभियंता राजेन्द्रसिंह राजपाल से इसकी भराव क्षमता और अतिवृष्टि की स्थिति में आपातकालीन प्रबन्ध के बारे में जानकारी ली। उपखण्ड अधिकारी बीएल मीणा ने बांध से निकाली गई नहरों और इससे काश्तकारों को मिल रही सिंचाई सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यहां पर फ्लोराईडयुक्त पेयजल की समस्या से प्रभावित ६१ गांवों के लिए स्वीकृत की गई पेयजल योजना के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि इसका कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने बांध की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए मौजूद कनिष्ट अभियंता और कर्मचारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर तहसीलदार एनके मीणा भी मौजूद थे। ....डन इज डन बेणेश्वरधाम पहुंचे जिला कलेक्टर नीरज के पवन द्वारा एनीकट अवलोकन की ईच्छा जाहिर करने पर जब उपखण्ड अधिकारी द्वारा बताया गया कि एनीकट जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त है तो कलेक्टर ने कहा कि डन इज डन....जैसा भी हो एक बार चाह लिया तो पैदल भी जायेंगे ही। क्षतिग्रस्त रास्ते को देखकर पहले तो जिला कलेक्टर अपनी कार से उतर कर उपखण्ड अधिकारी की जीप की सहायता से कुछ दूरी तक पहुंचे परंतु आगे का रास्ता जीप के लिए भी उपयुक्त प्रतीत नहीं हुआ । इस पर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि ‘ .....यहां तक आ गये हैं, अब बिना देखे वापस नहीं जाएंगे...। और चट्टानों और कंटीली झाडयों से युक्त मार्ग पर चलते हुए उन्हने एनीकट पहच कर ही दम लिया तथा अपनी दृढ ईच्छा शक्ति का परिचय दिया।