पर्यटन राज्य मंत्री ने की बेणेश्वरधाम पर पूजा अर्चना
12 Jul
2007
संत मावजी संग्रहालय का अवलोकन किया

डूंगरपुर १२ जुलाई/ राज्य की पर्यटन एवं देवस्थान राज्य मंत्री उषा पूनिया ने आज आदिवासियों के आस्थाधाम के रूप में विख्यात बेणेश्वर धाम पर पूजा अर्चना की और प्रदेश की सर्वतोमुखी प्रगति और खुशहाली के लिए कामना की। आज दोपहर बेणेश्वर धाम पहुंची पुनिया ने संपूर्ण धाम परिसर का अवलोकन करने के उपरान्त धाम परिसर में स्थित हरिमंदिर में पूजा अर्चना की। हरिमंदिर में पूजा अर्चना के दौरान महंत अच्युतानंद ने बताया कि संत मावज भगवान कृष्ण के लीलावतारी हैं और इसी स्वरूप में यहां इनकी पूजा की जाती है। यहां उन्होंने लगभग दस मिनट से अधिक समय तक पूजा अर्चना की। उन्होंने धाम परिसर स्थित संत मावजी के दुर्लभ साहित्य संसार से विश्व को परिचित कराने के उद्देश्य से स्थापित संग्रहालय का भी अवलोकन किया। यहां उन्हें संग्रहालय में संरक्षित संत मावजी महाराज के दुर्लभ चौपडों को देर तक अवलोकन किया, संत मावजी द्वारा कृत इस अद्भुत कार्य को देखकर वे भी आश्चर्य चकित रह गई। महंत ने यहां उन्हें मावजी महाराज के चौपडों के महात्म्य से परिचित कराया और बताया कि मावजी द्वारा सदियों पूर्व सांकेतिक स्वरूप में की गई भविष्यवाणियां आज भी प्रासंगिक ह। यहां उन्हें फिल्म निर्माता संजय अग्रवाल द्वारा मावजी के कृतित्व पर एक लघु फिल्म निर्माण किये जाने के संबंध में भी जानकारी दी गई जिस पर उन्हंने हर्ष व्यक्त किया और इसे एक अच्छा प्रयास बताया। इस दौरान महंत अच्युतानंद ने पूनिया केा मावजी महाराज कृत ‘सामसागर‘ के हिन्दी अनुवाद की सद्य प्रकाशित प्रति भेंट की ओैर मावजी के चौपडों के हिन्दी अनुवाद हेतु किये जाने वाले प्रयासों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि लाखों लोगों की आस्था स्थली पर दर्शनार्थ आना एक अनूठा अनुभव है। इस दौरान पर्यटन विभागीय प्रमुख शासन सचिव मीरा महर्षि , पर्यटन आयुक्त उषा शर्मा, जिला कलेक्टर नीरज के.पवन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसवंतसिंह, पर्यटन उपनिदेशक एस के सक्सेना, दीपक चौहान, सहायक अभियंता, संजय पाण्डे उपनिदेशक जयपुर समेत विभागीय अधिकारी व श्रद्धालु मौजूद थे। धाम के अवलोकन दौरान बेणेश्वर शिवालय ट्रस्ट के बलवंतसिंह वालई ने मंत्री से भेंट की और बेणेश्वर धाम के विकास के लिए ११ बिन्दुओं से युक्त ज्ञापन देते हुए आग्रह किया कि धाम परिसर के कटाव को रोकने के लिए रिंग वाल का निर्माण करवाया जाए। इसी प्रकार उन्होंने प्राचीनतम शिवालय के पहाडी के सौन्दर्यीकरण, सडकों के विस्तार, पुलियाओं को ऊॅचाई बढाने के लिए भी आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया।
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