पर्यटन ग्रामीण हैरिटेज व पर्यटन को बढावा दिया जाएगा- भाटी 12 Jul
2008
संभावनाओं के अनुरूप बीकानेर, जैसलमेर व जोधपुर ट्राइ एंगिल पर्यटन योजना को प्रभावी बनाया जाएगा। पर्यटकों को ग्रामीण जन जीवन, कला व संस्कृति से रूबरू करवाया जाकर ग्रामीण हैरिटेज व पर्यटन को बढावा दिया जाएगा
बीकानेर, पर्यटन एवं आबकारी मंत्राी देवी सिंह भाटी ने कहा है कि बीकानेर में पर्यटन की विपुल संभावनाएं है। इन संभावनाओं के अनुरूप बीकानेर, जैसलमेर व जोधपुर ट्राइ एंगिल पर्यटन योजना को प्रभावी बनाया जाएगा। पर्यटकों को ग्रामीण जन जीवन, कला व संस्कृति से रूबरू करवाया जाकर ग्रामीण हैरिटेज व पर्यटन को बढावा दिया जाएगा।
भाटी शुक्रवार को ढोला मारू विश्राम गृह में संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बीकानेर में पिछले चार वर्षों में लगातार १५ प्रतिशत की दर से पर्यटकों के आवागमन में वृद्धि हुई है। वर्ष २००७ में २ लाख १७ हजार ४०८ देशी व ७१ हजार ५४९ सहित कुल २ लाख ८८ हजार ९५७ पर्यटक आए। उन्होंने कहा कि देशी विदेशी पर्यटकों को स्थानीय पर्यटन महत्व के स्थानों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिले इसके लिए अच्छे गाइड तैनात करने तथा पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटक पुलिस के बारे में भी शीध्र ही नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बीकानेर में पर्यटन विकास की दृष्टि से अनेक कार्य करवाए जा रहे है। जूनागढ. में ४०.१५ लाख की लागत से फलड लाइटिंग का कार्य करवाया गया, ४ लाख से होर्डिंग लगाने, देवी कुंड सागर के सौन्दर्य करण पर ९० लाख रुपये तथा पर्यटन स्वागत केन्द्र के सौन्दर्यकरण के लिए ३.०७ लाख रुपये व्यय किए गए। देवीकुंड के तालाब में इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पानी पहुंचाने की योजना पर कार्य किया जा रहा ह। अगस्त तक इसके परिणाम सामने आएंगे।
भाटी ने बताया के महर्षि कपिल की तपोभूमि कोलायत को भी पर्यटन से जोडा जाएगा। जैसलमेर जाने वाला प्रत्येक पर्यटक कोलायत कुछ देर रूक ऐसे प्रयास किए जाएंगे। कोलायत तालाब के घाटों की मरम्मत एवं बिजली के खम्भे लगाने एवं सौन्दर्य करने के लिए २५ लाख, कोलायत कस्बे के पास विकास एवं सौन्दर्यकरण के लिए ५० लाख, कोलायत झील से कमल पौधों की सफाई कार्य पर ५ लाख के प्रस्ताव बनाकर भिजवाए गए। बीकानेर के ऊंट उत्सव एवं कोलायत मेले को और अधिक आकर्षक एवं रोचक बनाने व शाही रेल को बीकानेर लाने का प्रयास किया जा रहा है। भाटी ने बताया कि कोलायत में सामाजिक न्याय विकास मंच के तत्वावधान में भी जन सहयोग से घाटों व मंदिर की मरम्मत का कार्य करवाया गया है। पर्यटन व नगर के विकास जन भागीदारी व आम लोगों की जागरूकता से ही दूर देश से आने वाला पर्यटक अपने आपको सुरक्षित महसूस करेगा। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।
भाटी ने कहा कि राजस्थान के पौराणिक, इतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व के स्थलों और आम आस्था के केन्द्रों को भी पर्यटन नक्शे में शामिल किया जाएगा। बीकानेर में ऊंट अनुसंधान केन्द्र पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र है। वहां अधिक पर्यटकों को जोडने के लिए कार्य किया जाएगा। पर्यटन विभाग के विश्रामगृहों व मिड वे केन्द्रों पर क्वालिटी व वहां के कर्मचारियों व अधिकारियों के व्यवहार को बेहतर बनाया जाएगा, जिससे पर्यटक पूर्ण रूप से संतुष्ट हो सकें।
आबकारी मंत्राी ने कहा कि अवैध शराब के निर्माण व बिक्री को रोकने के लिए ठोस कार्यवाही की जाएगी। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों व धार्मिक स्थलों के आस-पास शराब की जो दुकानें लगी है उन्हें अन्यत्रा स्थापित करने के लिए नीतिगत निर्णय लिया जाएगा। पूर्व सरपंच राम किशन आचार्य, पूर्व पार्षद सुनील बांठिया भी उपस्थित थे।
मदन देवासी सरनाउ [ साँचोर जालोर ] :- देवासी ने बताया की राजस्थान की तकदीर बदल डाली है बीकानेर में पर्यटन विकास की दृष्टि से अनेक कार्य करवाए जा रहे है। जूनागढ. में ४०.१५ लाख की लागत से फलड लाइटिंग का कार्य करवाया गया, ४ लाख से होर्डिंग लगाने, देवी कुंड सागर के सौन्दर्य करण पर ९० लाख रुपये तथा पर्यटन स्वागत केन्द्र के सौन्दर्यकरण के लिए ३.०७ लाख रुपये व्यय किए गए। देवीकुंड के तालाब में इंदिरा गांधी नहर परियोजना से पानी पहुंचाने की योजना पर कार्य किया जा रहा ह। अगस्त तक इसके परिणाम सामने आएंगे। राजस्थान क तेज़स्वी मुखयामत्री वसुधराजी राजे ने राजस्थान मैं इतना काम करवाए है की राजस्थान जनता याद रखेगी पहली मुखयामत्री है जीने ने राजस्थान की तकदीर बदल दी हम सवागत करते है वसुधराजी राजे कावसुधरा जी राजे आने वाले वोटो मैं आपिश राजस्थान की मुख्यमत्री बनी रहेगी . हम आचा करते है की आप राजस्थान मैं किसान भाईए के लिया और आचा कार्य करोगी हर किसान की ज़ुबान पर यह है वा क्या मुखयामत्री है . हम ने 50 साल मैं नही देखा एसा कोही मुखायमत्री आए . जो पाछ साल मैं वसुधराजी राजे ने कर के दिखा .... देवासी समाज आपका हार्दिक सवागत करते है , madan dewasi (28/06/2003)