जयपुर, मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि देश एवं विदेश के तीव्र गति से बदलते आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य व सूचना प्रौद्योगिकी और संचार के इस युग में अपराध के तरीकों में काफी बदलाव आ रहा है। अपराधों को अन्जाम देने के लिए भू-माफिया व संगठित गिरोह अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके मध्येनजर अब पुलिस का कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
श्रीमती राजे आज जयपुर में स्थानीय दरबार स्कूल परिसर में पुलिस कर्मियों के लिए प्रस्तावित ४५१.२५ करोड रुपये की पुलिस आवासीय योजना के शिलान्यास समारोह में राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, सी.एल.जी. सदस्यों व गणमान्य नागरिकों को सम्बोधित कर रही थी।
उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों ने थानों के माध्यम से बहुत अच्छे कार्य किये हैं जिससे जयपुर सहित पूरे राज्य में शांति का वातावरण कायम है। अगर पुलिस कर्मी को प्रोत्साहन मिले उसकी प्रशंसा की जाये तो पुलिसकर्मी और अच्छा कार्य करेंगे। पुलिस कर्मियों को प्रोत्साहन देने का ही परिणाम है कि विधायकपुरी थाना शिप्रा पथ थाने से आगे निकल गया है।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आजकल प्रदेश के थानों में कांस्टेबल वृद्धजन की देखभाल करते हैं। पुलिसकर्मी सी.एल.जी. सदस्यों के साथ मिलकर लोगों के पडौसियों के माध्यम से उन के घरों की सुरक्षा करते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप पुलिस में पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप को बढावा देने से प्रदेश में शांति प्रिय वातावरण बनाने में सफलता मिली है। इसमें सी.एल.जी. सदस्यों की बहुत अच्छी भूमिका रही है। इन आवासों के निर्माण में शामिल एजेन्सी आर.एस.आर.डी.सी. द्वारा बनाये गये सरकारी भवनों की प्रशंसा करते हुए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के सभी जिलों में बनाये गये सरकारी भवनों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश के सभी जिलों में बनाये जाने वाले ये आवास भी अच्छी गुणवत्ता के साथ समय पर बनेंगे। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से प्रदेश की तीनों पुलिस अकादमियों में राजस्थान आजीविका मिशन के तहत बेरोजगार लोगों को निजी सुरक्षा एजेन्सियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स शुरू करने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस के द्वारा किये जाने वाले अच्छे कार्यो की जानकारी जनता को बताने के लिए पुलिस सप्ताह बनाने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक पुलिसकर्मियों के लिए १३ हजार ७५० आवास बनाये गये थे।
उन्होंने कहा कि आवासों के अभाव में पुलिसकर्मी व उनके परिवारजन बहुत परेशानी महसूस कर रहे थे। इन आवासों के बनने से कर्मचारियों को काफी सुविधा मिलेगी। जयपुर में २५६ पुलिस आवास बनेंगे। राजस्थान पुलिस की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए राजस्थान पुलिस को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के अनेक पुरस्कारों में वन्य जीव संरक्षण के लिए नीदरलैण्ड से व सिगांपुर से फर्जी क्रेडिट कार्ड गिरोह का भण्डाफोड करने के लिए मिला है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पुलिस द्वारा अभिनव केस ऑफिसर स्कीम चलाई गयी है जिसके तहत २ हजार ३०० केसों का निर्णय कर ७२ प्रतिशत मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलायी गयी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है जहां इतनी बडी मात्राा में सी.एल.जी. सदस्यों को पुलिस से जोडा गया है। उन्होंने कहा कि सी.एल.जी.के सहयोग से दंगों को रोकने व छोटे मामलों को निपटाने में काफी मदद मिली है।
कटारिया ने कहा कि पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की निष्ठापूर्वक की गयी मेहनत के फलस्वरूप राजस्थान के ४१ थानों को आई.एस.ओ. सर्टिफिकेट मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष २००७ को राजस्थान सरकार द्वारा कांस्टेबल वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत १५० कांस्टेबलों को अच्छे कार्य के लिये विशेष पदोन्नति दी जायेगी। राज्य में कानून-व्यवस्था की जरूरतों को देखते हुए पहली बार ११ हजार २०० कांस्टेबलों की भर्ती की गयी है, जो एक रिकार्ड है।
इस अवसर पर स्वागत भाषण देते हुए पुलिस महानिदेशक, राजस्थान ए.एस.गिल ने कहा कि इस योजना के तहत पुलिस कर्मियों के लिए १० हजार राजकीय आवास बनाये जायेंगे। ये आवास ३१ मार्च, २००९ तक बन कर तैयार होंगे जिन्हें सार्वजनिक निर्माण विभाग, आर.एस.डी.सी. व आवास विकास लिमिटेड मिल कर बनायेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त कि इन आवासों के बनने से जवानों की बहुत बडी जरूरत की पूर्ति होगी।
शिलान्यास समारोह में जयपुर के महापौर अशोक परनामी, क्षेत्रीय विधायक मोहन लाला गुप्ता, विधायक बीरू सिंह राठौड के अलावा प्रमुख शासन सचिव, गृह एवं न्याय वी.एस.सिंह एवं महानिदेशक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के.एस. बेन्स, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस ओमेन्द्र भारद्वाज,ए.के. जैन, नवदीप सिंह, एस.एन.जैन के.एल. बैरवा, जिला कलक्टर अखिल अरोरा एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व सी.एल.जी. सदस्य उपस्थित थे।