ग्लोबल वार्मिंग पर चल रहे कोपेनहेगन सम्मेलन एक ऐसे मोड़ पर जा पहुंचा है जहां इसके असफल होने की संभावना प्रबल हो गई है। भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भी इसकी अंतिम बैठक में हिस्सा नहीं लेने की संभावना जताई जाने लगी है। भारत समेत अन्य विकासशील देशों ने विकसित देशों द्वारा थोपी जा रहीं उत्सर्जन संबंधी बाध्यकारी शर्तों को मानने से साफ इंकार कर दिया है। रविवार की रात सम्पन्न अहम बैठक में कई अफ्रीकी देशों ने भी साफ संकेत दिए कि उनके प्रमुख अंतिम सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे, अगर आने वाले तीन दिनों में महत्वपूर्ण निर्णय नहीं होते हैं।