हनुमानगढ, २९ दिसम्बर ! जिले में स्वास्थ्य चेतना यात्रा के तहत गत चार सप्ताह में २१६ ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों व स्वास्थ्य कैम्पों में २ लाख ४७ हजार ८०८ लोगों की भागीदारी दर्ज की गई है । जिनमें से १ लाख ३५ हजार ५८८ पुरूष व १ लाख १२ हजार २२० महिलाएं शामिल हैं । जिला कलक्टर श्री टी. रविकांत ने बताया कि इस दौरान १ लाख से अधिक लोगों को विभिन्न चिकित्सा पद्वतियों के माध्यम से मौके पर स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया । शिविरों में २ हजार २४१ जनप्रतिनिधियों व ५ हजार ५४० कार्मिकों की सहभागिता दर्ज की गई। इन शिविरों में स्वयं सेवी संगठनों ने भी इस कार्यक्रम में अलग -अलग स्थानों पर अपना सहयोग प्रदान किया है तथा यात्रा के दौरान व्यक्तिगत लाभार्थी योजनाओं के तहत लोगों का सामाजिक अंकेक्षण भी किया जा रहा है ।
जिला कलक्टर ने बताया कि बुधवार को ८ ग्राम पंचायतों जोडकियां, अमरपुराथेडी, डबलीकलां, कालीबंगा, निरवाल, पदमपुरा, भौगराना तथा महराना में सम्पन्न शिविरों के साथ ही अब तक १ लाख ३ हजार ५९५ मरीजों को चिकित्सा लाभ प्रदान किया गया है । इनमें ३ हजार ६७० शिशु रोगी, १७ हजार १०६ महिला एव प्रसूति रोगी तथा ६० हजार अन्य मरीज शामिल हैं । इनको एलोपैथी पद्वति द्वारा ईलाज सुलभ करवाया गया है जबकि आयुर्वेद पद्वति से २० हजार १७२, हाम्योपैथी से ९३६ तथा यूनानी चिकित्सा पद्वति से ७६० मरीजों की चिकित्सा की गई है ।
उन्होंने बताया कि बुधवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों मे ग्रामीणों को उपलब्ध करवाई गई चिकित्सा सुविधाओं में बाल स्वास्थ्य के तहत ६५ शिशुओं का उपचार किया गया जिनमें से निमोनियां के ४२, डायरिया के १८, पेचिस ५, शिशु रोगियों का उपचार किया गया तथा टीकारण के तहत बीसीजी के ४५, डीपीटी (प्रथम) के ४६, डीपीटी (द्वितीय) के १५, डीपीटी (तृतीय) के १४, मीजल्स के २३, तथा डीपीटी बूस्टर (१८ माह पर) के १९ टीके लगाए गए। ४५ शिशुओं को पोलियों की प्रथम, १४ को द्वितीय तथा १४ को तृतीय खुराक देते हुए १५ को ओपीवी बुस्टर (१८ माह पर) डोज दी गई। १७ को विटामिन ‘‘ए‘‘ की खुराक पिलाई गई तथा ६० टीकाकरण कार्ड बनाए गये।
इसी प्रकार मातृ चिकित्सा सेवाओं में महिला प्रसूति रोगों के ८१२ मरीज की जांच, ३८ गर्भवती माताओं का पंजीयन, ७९ को प्रसव पूर्व सेवाएं तथा १ हजार ७२० को आयरन की गोलियों का वितरण किया तथा इस दौरान ३४ गर्भवती माताओं को टीटी इन्जेक्शन व ४३ गर्भवती माताओं का वजन लेने की कार्यवाही की गई । स्वास्थ्य सेवाओं के तहत अन्य सेवाओं के कुल २ हजार ७४७ मरीजों को विभागवार सेवाएं दी गई जिनमें से हड्डी रोग के ७५, सर्जरी के ४३, नाक,गला, कान के ९१, दंत रोग के १२६, मानसिक रोग के १४, मेडिसिन के ७२२, चर्म व रति रोग के ८४, टीबी के २ , नेत्र जॉच के ६८, मोतियाबिन्द के १७, बुखार के ४१, नसबन्दी के तहत एनएसवी तकनीक से ७८ महिलाओं व ५ पुरूषों की नसबन्दी की गई । ६०८ को गर्भ निरोधक साधनों का वितरण किया गया।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना में ८८ महिलाओं का पंजीयन व कार्ड बनाकर उनमें से ३३ महिलाओं को १९ हजार १०० रूपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया गया। किशोर प्रजनन स्वास्थ्य से सम्बन्धित गतिविधियों में ८६ किशोरियों के रक्त की जांच(हीमोग्लोबिन) तथा २ हजार १९० को आयरन एवं फोलिक एसिड की गालिय का वितरण सहित अन्य गतिविधियां जैसे सही उम्र में शादी करना, प्रजनन सम्बन्धित भ्रान्ति निराकरण, माहवारी में होने वाली समस्याओं का समाधान, एडस रोग से बचाव व अन्य गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी दी गई।
इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास द्वारा पोषहार सेवाओं तथा इन ग्रामों में किए जा रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में स्वास्थ्य कार्ड बनाने के अलावा स्वास्थ्य चेतना सामग्री का वितरण किया गया । इन कैम्पों मे विविध प्रकार की जाँच जैसे यूरीन एएलबी /शुगर के ५८, ब्लड स्लाईड २६, स्पुटम फार एफबी के २ तथा हीमोग्लोबीन के २३९ रोगों की जांच की गई । अन्य जन स्वास्थ्य सेवाओं के तहत ११ पेयजल जल स्त्राोतो का शुद्धीकरण (ब्लीचिंग), वेक्टर प्रजनन जल स्त्राोतों की पहचान के ११ तथा नमक की जांच के लिए ८२ पहचान की गई तथा आईईसी गतिविधियों के तहत १ हजार ३१२ को विभिन्न प्रकार की सामग्री के वितरण के अलावा आर एचएसडीपी व साक्षरता समिति के कला जत्था कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
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