हनुमानगढ ३० दिसम्बर। जिले में स्वास्थ्य चेतना यात्रा के तहत गुरूवार तक २२४ ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में सुरक्षित मातृत्व व संस्थागत प्रसव को बढावा देने के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत १ हजार ९० महिलाओं को ६ लाख ६० हजार २०० रूपये की राशि का वितरण किया गया ह। जिला कलक्टर श्री टी. रविकान्त ने बताया कि गत दिवस तक जिले में स्वास्थ्य चेतना यात्रा में २ लाख ५७ हजार १४९ लोगों की सहभागिता दर्ज की गई है। उन्होनें बताया कि गुरूवार तक रोडांवाली, झाम्बर, मिर्जेवाली मेर, बहलोलनगर, गंधेली, फेफाना, चक सरदारपुरा तथा बिरान में आयोजित स्वास्थ्य कैम्पों में १ लाख ७ हजार ७१० विभिन्न रोगियों को मौके पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें ३ हजार ७११ अस्वस्थ शिशु, १७ हजार ८२१ महिला व प्रसूति रोगी तथा ६३ हजार ५२३ विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीज शामिल है। इन सबको एलोपोथिक पद्धति से ईलाज सुलभ कराया गया, जबकि इसके अलावा २० हजार ८६४ रोगियों का आयुर्वेदिक पद्धति से, १ हजार २ मरीजों को होम्योपैथी पद्वति से तथा ७८९ मरीजों का यूनानी पद्वति से ईलाज किया गया ।
जिला कलक्टर ने बताया कि यात्रा के २८ वें दिन की समेकित प्रगति रिपोर्ट के अनुसार आयोजित शिविरों व स्वास्थय कैम्पों में आयोजित कार्यक्रमों व शिविरों में ७९ जनप्रतिनिधियों व २८० कार्मिकों की सहभागिता दर्ज की गई। इसके साथ ही स्वयं सेवी संगठनों ने भी इस कार्यक्रम में अलग - अलग स्थानों पर अपना सहयोग प्रदान किया। इस दौरान व्यक्तिगत लाभार्थी योजनाओं के तहत लोगों का सामाजिक अंकेक्षण भी किया गया ।
उन्होने बताया कि बाल स्वास्थ्य के तहत निमोनियां के २५, डायरिया के १३, ऐपसिस के ३ शिशु रोगियों का उपचार किया गया तथा टीकारण के तहत ० से १ वर्ष के ८, बीसीजी के ३७, डीपीटी (प्रथम) के ३६, डीपीटी (द्वितीय) के १४, डीपीटी (तृतीय) के ४, मीजल्स के १४ तथा डीपीटी बूस्टर (१८ माह पर) के १३ टीके व ओपीवी बूस्टर (१८ माह पर)के १० टीके लगाए गए। शिशुओं को पोलियों की प्रथम (ओ.पी.वी. -।) ३६ को, १४ द्वितीय तथा ४ को तृतीय खुराक दी गई। २२ को विटामिन ‘‘ए‘‘ की खुराक पिलाई गई तथा ४३ टीकाकरण कार्ड बनाए। इसी प्रकार मातृ चिकित्सा सेवाओं में ७१५ महिला प्रसूति रोगों के मरीज की जांच के अलावा ३१ गर्भवती माताओं का पंजीयन, ३६ को प्रसव पूर्व सेवाएं, २ हजार ३२६ को आयरन की गोलियों का वितरण, ३२ गर्भवती माताओं को टीटी इन्जेक्शन लगाने व ३६ गर्भवती माताओं का वजन लेने की कार्यवाही की गई ।
अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के तहत हड्डी रोग के ६२, सर्जरी के ३७, नाक, कान व गला के ७८, दंत रोग के ४७, मानसिक रोग के ७, मेडिसिन के ९३१, चर्म व रति रोग के ८४, टीबी का ७, नेत्र रोग के ७०, मोतियाबिन्द के १६, बुखार के ४६, तथा १ हजार ११० अन्य रोगियों की जांच की गई। परिवार नियोजन सेवाओं के तहत ४९ महिलाओं व १ पुरूष की नसबन्दी की गई तथा ७२२ व्यक्तियों को गर्भ निरोधक साधनों का वितरण किया ।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जननी सुरक्षा योजना में १२३ गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया तथा ७७ महिलाओं को ४९ हजार ३०० रूपए की राशि वितरित कर लाभान्वित किया गया। व साथ ही आशा सहयोगिनी को ६०० रूपये प्रदान कर लाभांवित किया गया। किशोर प्रजनन स्वास्थ्य से सम्बन्धित गतिविधियों में १११ किशोरियों की रक्त की जांच तथा ३ हजार ५८० को आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों के वितरण सहित अन्य गतिविधियां सम्पादित की गई। इसी प्रकार महिला एवं बाल विकास की पोषाहार सेवाओं तथा शिक्षा विभाग द्वारा इन ग्रामों में किए जा रहे कार्यो की समीक्षा करते हुए विद्यालयों में स्वास्थ्य कार्ड बनाने के अलावा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य चेतना सामग्री का वितरण किया गया है।
इन शिविरों में आयुर्वेद विभाग द्वारा २६ पाईल्स रोगियों की जांच, अन्य रोगों से ग्रस्त ६६६ मरीजों को चिकित्सा लाभ प्रदान कर उन्हें औषधि वितरित की गई। जन्म मृत्यु पंजीयन के तहत ६३५ जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। अन्य जन स्वास्थ्य सेवाओं के तहत १९ पेयजल जल स्त्रोतो का शुद्धीकरण (ब्लीचिंग), १२ वेक्टर प्रजनन जल स्त्रोतों की पहचान तथा ९१ स्थानों से नमक जांच के नमूने लिए गए। आईईसी गतिविधियों के तहत १ हजार ४२० लोगों को विभिन्न प्रकार की सामग्री के वितरण के अलावा आर एच.एस.डी.पी. व जिला साक्षरता समिति के कला जत्था कलाकारों द्वारा स्वास्थ्य चेतना के बारे में ज्ञान वर्द्धक व मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।
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