श्रीगंगानगर, (लक्ष्मीकान्त शर्मा)। रुपये लेकर मोघे बदलने के 16 साल पुराने एक मामले में आज भ्रष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो ने सिंचाई विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ चालान पेश कर दिया। यह मामला वर्ष 1992 का है, जब कनिष्ठ अभियंता श्रवणकुमार हनुमानगढ जिले के पीलीबंगा में पदस्थापित था। भ्रष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत मिली की उसने किसानों से हजारों रूपए की रिश्वत लेकर नहर में मोघे लगाये है। ब्यूरों ने इस शिकायत पर जांच की तो किसानों ने साफतौर पर कहा कि श्रवणकुमार ने मोघे लगाने के लिए उनसे 3॰ हजार रुपए की राशि ली थी। शिकायत सही पाये जाने पर 1993 में कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ चालान पेश करने के निर्देश दिये। विभागीय सूत्रों ने बताया कि चालान पेश करने की भनक लगते ही श्रवणकुमार ने राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी और न्यायालय ने चालान पेश करने पर अन्तरिम रोक लगा दी। उसके बाद से यह मामला अदालत में विचारधीन था। हाल ही में अदालत के रोक हटा देने के बाद भ्रष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो के हनुमानगढ कार्यालय में श्रवणकुमार को गिरफ्तार कर लिया और आज बीकानेर स्थित विशिष्ट अदालत में उसके खिलाफ चालान पेश किया। अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया।