बीकानेर। केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग को लेकर बीकानेर प्रतिनिधियों ने गुरूवार को जयपुर में रामा होटल से मार्च पास्ट करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास तक पहुंचे जहां मुख्यमंत्री द्वारा समय न दिये जाने के कारण धरने पर बैठे। करीब एक घंटे बाद मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधियों को सायं साढे छह बजे मिलने का समय दिया। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में आर.के.दास गुप्ता, मानिकचंद सुराणा, व्यापार मंडल के दिलीप भाई पारख, खाजूवाला के विधायक डॉ. विश्वनाथ ने गहलोत, बीकानेर पश्चिम के विधायक डॉ. गोपाल जोशी, आदि प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री गहलोत से केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर को न देने के बारे बातचीत हुई। इस संबंध में प्रतिनिधि भंवर पुरोहित ने दूरभाष वार्ता के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विजयशंकर व्यास की रिपोर्ट को हूबहू भारत सरकार को प्रेषित की है उसमें किसी भी स्थान विशेष के बारे में उल्लेख नहीं किया गया है।
खून से किये हस्ताक्षर- केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर को नहीं मिलने के कारण गुरूवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विद्यार्थियों ने कोटगेट पर खून से किये हस्ताक्षर अभियान चलाया। जिसमें सैकडों विद्यार्थियों ने अपने खून से हस्ताक्षर किये क्योंकि विद्यार्थियों की मांग है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर को ही मिलना चाहिए क्योंकि विजयशंकर व्यास कमेटी ने बीकानेर को केन्द्रीय विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त माना था लेकिन राज्य सरकार ने उस कमेटी की रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया और केन्द्र सरकार को अनुशंषा भेजी है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर न होकर अजमेर को दिया जाए। इस संबंध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री भगवान सिंह मेडतिया ने कहा कि यह बीकानेर की जनता के लिए दुर्भाग्य का विषय है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीकानेर को नहीं दिया जा रहा इसके लिए विद्यार्थी परिषद मूक दर्शक बनकर नहीं रहेगा तथा अपने हक के लिए हमेशा लडता रहेगा। उन्होंने बताया कि राजनीतिक शून्यता के कारण इस प्रकार का निर्णय होते ही रहते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं होने देंगे इसके लिए विद्यार्थी परिषद सडकों पर भी उतारू होने के लिए तत्पर है तथा अपना हक लेकर रहेंगे चाहे इसके लिए उन्हें कुछ भी करना क्यों न पडे वे हर कदम पर आगे रहेंगे। इस बारे में वेद व्यास ने बताया कि खून से लिखे हस्ताक्षर के रजिस्टर को 17 अगस्त को कोटगेट से रैली निकालकर जिला कलेक्टर श्रेया गुहा को सौंपा जाएगा। इस मौके पर विद्यार्थी परिषद के छैलूसिंह, महेन्द्र सिंह, पींटूसिंह, शिवराज सिंह आदि विद्यार्थी शामिल थे।
बीकानेर संभाग के संभाग के कांग्रेसी नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल ने गुरूवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात केन्द्रीय विश्वविद्यालय करने की मांगी की। प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बी डी कल्ला ने मांग की कि बीकानेर सीमावर्ती जिला है तथा शिक्षा की राजधानी है इसी कारण केन्द्रीय विश्वविद्यालय पर बीकानेर का पहला हक बनता है। सरकारी मुख्य सचेतक वीरेन्द्र बेनीवाल ने कहा कि बीकानेर में केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित होने से बीकानेर व राजस्थान सहित पंजाब, हरियाणा तथा अन्य राज्यों को लाभ मिलेगा। प्रतिनिधि मंडल में बीकानेर राजस्थान खादी बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भवानीशंकर शर्मा नगर निगम के महापौर मकसूद अहमद, विधायक रेवंतराम पवार, भरत मेघवाल, गंगाजल मील, गंगाजल मील, डॉ परम नवदीप, गंगानगर सांसद विनोद चौधरी, प्रदेश कांग्रेस सचिव ताज खां, कांग्रेस प्रवक्ता बिट्ठल बिस्सा, सत्यपालजी साहू अध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ, सुरेन्द्र पाल शर्मा एडवोकेट आदि शामिल थे। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के बारे में विजयशंकर व्यास की रिपोर्ट हूबहू भारत सरकार को प्रेषित कर दी है जिसमें बीकानेर का हवाला दिया गया है लेकिन पूर्व समय में अजमेर का बात कही गई थी। इस संबंध में कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि बीकानेर मरूस्थलीय प्रदेश होने के कारण उन्हें समुचित सुविधा प्रदान की जानी चाहिए जिसको मुख्यमंत्री गहलोत ने सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए आश्वासन दिया।