जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री भरत सिंह ने कहा है कि जिस प्रकार सीमा पर देश की सुरक्षा में सैनिकों की सेवा महत्वपूर्ण है उसी प्रकार राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की सेवा भी महत्वपूर्ण है। सिंह शनिवार को कोटा से 70 किलोमीटर दूर सांगोद पंचायत समिति परिसर में आयोजित राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। सिंह ने कहा कि शिक्षकों को मजबूत राष्ट्र के निर्माण की सोच के साथ संवेदनशील होकर बच्चों को शिक्षा देनी होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक को राष्ट्र निर्माता के रूप में स्वप्नदृष्टा बनकर सेवा भावना से काम करने पर ही अच्छे राष्ट्र का निर्माण संभव होगा। सिंह ने कहा कि शिक्षा के पवित्र उद्देश्य को पूरा करने के लिए जरूरी है कि शिक्षकों के साथ जनप्रतिनिधि भी आमजन के बारे में सोचे और उनकी शिक्षा के प्रति आशा के अनुरूप कार्य करे। सिंह ने शिक्षकों की समस्याओं के संदर्भ में कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में निरन्तर प्रयत्नशील है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जो समस्याएं शिक्षकों ने बताई है उनके समाधान के लिए वे अपने स्तर से भी प्रयास करेंगे। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र के सांसद इज्यराज सिंह ने कहा कि छात्र और युवा पीढी देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने कार्य को सेवा भावना से अंजाम देते हुए युवा पीढी को संवारकर देश की दिशा तय कर सकते है। सिंह ने शिक्षा के ढांचे में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि शिक्षा में बदलाव के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कारगर बनाने के लिए पाठ्यक्रम को अनुकूल बनाना होगा एवं सीखने-सीखाने के तौर तरीकों में बदलाव लाना होगा। प्रजातंत्र के लिए जरूरी है कि देश का प्रत्येक नागरिक सूचित और शिक्षित हो। अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर समापन समारोह का शुभारंभ किया। मुख्य संरक्षक ईश्वर सिंह एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश मेहरा ने शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर प्रकाश डाला।