जयपुर। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि नियमन से प्रदेश के हजारों लोगों को मानसिक रूप से राहत मिले इस दृष्टि से भूखण्डधारियों व कॉलोनियों के नियमन के लिए नियमों में संशोधन कर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। शनिवार को कोटा में अपने निवास पर मीडिया कर्मियों से संवाद करते हुए धारीवाल ने बताया कि नियमन अभियान पूरे राज्य में प्रारंभ किया गया है और शिविर आयोजित कर कॉलोनियों का नियमन कर पट्टे जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य में आने वाली समस्याओं की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार नियमों में और भी परिवर्तन किये जा सकेंगे। धारीवाल ने बताया कि जिन लोगों ने निजी बिल्डर द्वारा उसकी जमीन के साथ में लगी सरकारी जमीन पर भी भूखण्ड दे दिये हैं और जिन्होंने इन भूखण्डों पर निर्माण कर लिया है का अब नियमन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऐसे मामलों में छूट प्रदान कर तय किया है कि आरक्षित दर की 25 प्रतिशत राशि वसूल कर नियमन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ऐसी सिवाय चक भूमि पर बनाये गये मकानों को 90 बी की कार्यवाही करते हुए नियमन किया जायेगा। धारीवाल ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से राज्य में हजारों भूखण्ड धारकों को पट्टा मिलने से राहत मिलेगी। नियमन संबंधी छूट व रियायतों का लाभ 22 जून 1999 तक कृषि भूमि पर बसी कॉलोनियों के निवासियों को ही मिलेगा। सडक की चौडाई बाधा नहीं धारीवाल ने बताया कि लोगों को उनके आवास के पट्टे मिलने में अब आवासीय कॉलोनी की सडक की चौडाई के मापदण्ड को हटा दिया गया है। उन्होंने बताया कि सडक की चौडाई चाहे कितनी भी हो नियमन में बाधक नहीं होगी। इसी तरह आवासीय कॉलोनी में 40 प्रतिशत सुविधा क्षेत्र छोडने के प्रावधान में भी छूट प्रदान की गई है।