बीकानेर। स्कूल ऑफ ज्यूडिशियल एडमिनिस्ट्रेशन एंड राजस्थान एकेडमी की ओर से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ न्यायिक क्षेत्र में पदस्थापित न्यायिक अधिकरण की कार्यशाला जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। कार्यशाला में न्यायिक व्यवहार व नीतिशास्त्र एवं आचरण तथा चिकित्सक विशेषज्ञ फोरेंसिक विशेषज्ञ की साक्ष्य की महता व मूल्यांकन विषयों पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। इस कार्यशाला में कई न्यायाधीशों ने भाग लिया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए न्यायाधिपति अजय रस्तोगी ने उद्बोधन देते हुए कहा कि न्यायाधीशों का कार्य अति पवित्र होता है न्यायकर्ता को आत्म निरीक्षण व नियंत्रण के आधार पर अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए व पूर्ण मनोयोग के साथ न्यायिक मूल्यों के साथ कार्य करना चाहिए। कार्यशाला में बीकानेर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश जी.एल.चौधरी, श्रीगंगानगर के कैलाशचन्द्र शर्मा व हनुमानगढ के वी.के.माथुर ने सेमिनार के विषयों पर प्रकाश डाला जबकि विशिष्ट न्यायाधीश आर.सी.झाला ने अपने विचार रखे तथा न्यायिक अधिकारियों से विचार विमर्श भी किया।