KhbarExpresswww.khabarexpress.com
Welcome Guest Sign In New user! Sign Up Now
Search Photo  
RSS 20 March 2010
Forum | Wallpapers | Photo Gallery | Business | Entertainment | Education | Sports | Article | City | Cartoon | Video News
Free News on your website


बढ रहा है प्रेस की आजादी का दुरूपयोग-द्विवेदी
13 Sep 2009

Add comment          Mail          Print          Write to Editor


आबू रोड,  शांतिवन में चल रहे मीडिया महासम्मेलन के खुले सत्र में प्रेस की आजादी और इसके सामाजिक दायित्व पर हुई अर्थपूर्ण चर्चा में भाग लेते हुए भोपाल के दैनिक महामेधा के सम्पादक मधुकर द्विवेदी ने कहा कि माचिस दीप जलाने और रोशनी जलाने के लिए बनायी गयी थी लेकिन उसका दुरूपयोग आशियाने जलाने और साम्प्रदायिक दंगों की आग भडकाने के लिए किया जा रहा है। कमोवेश प्रेस की आजादी का भी इसी प्रकार दुरूपयोग हो रहा है।
दिशाहीन हो रही पत्रकारिता पर चिंता जताते हुए द्विवेदी ने कहा कि समय के साथ हमारे सरोकार और दायित्व बदल गये। नैतिकता के मायने हमने बदल डाले । अब धन कमाने के नजरिये से पत्रकारिता को मनचाही दिशा दी जा रही है। स्थिति यहाँ तक बिगड गयी कि मीडियाकर्मी अपने ही बाल नोचने और बिगडी सूरत दिखाने वाला दर्पण नष्ट करने पर उतारू हो रहे हैँ। इलेक्ट्रानिक मीडिया में विशेष रूप से आजादी के नाम पर जिस तरह भोण्डापन, घिनौनापन व डरावना स्वरूप प्रस्तुत किया जा रहा है। मीडिया क्षेत्र में आयी विकारों की बाढ को स्वयं मीडियाकर्मी ही नियंत्रित कर सकते हैं। प्रेस की आजादी को हम किस स्वरूप में स्वीकार करते हैं और सामाजिक सरोकार कितना सम्मान करते हैं यह हमारे दृष्टिकोण पर ही निर्भर करता है। आत्म चिंतन करके हमें अपनी छवि सुधारनी चाहिए। ब्रह्माकुमारीज के मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित इस महासम्मेलन से यह संकल्प लेकर जाये कि अपने सामाजिक दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।
राजस्थान विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डा॰ संजीव भानावत ने अपने विचारोत्तेजक उदबोधन में कहा कि यह खेद का विषय है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संवैधानिक अधिकार प्राप्त करने के बावजूद आजादी के 62 साल बाद हमें अपने सामाजिक सरोकारों व दायित्वों पर निरन्तर चर्चा करनी पड रही है। सही अर्थों में अभिव्यक्ति की आजादी अब उन लोगों के पास रह गयी जो समाचारपत्रों में स्पेस और इलेक्ट्रानिक मीडिया में समय खरीदने का सामर्थ्य रखते हैं। जयपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के सूचना संचार निदेशक प्रो॰ प्रदीप माथुर ने कहा कि शब्द की सत्ता को बचाने की महती आवश्यकता है। बाजारवाद की संस्कृति की प्रफुल्लित होने के कारण तकनीकी इतनी ताकतवर हो गयी कि वह मीडिया के मूल स्वरूप को निगलने जा रही है।
मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति के राष्ट्रीय संयोजक प्रो॰ कमल दीक्षित ने प्रारम्भिक भाषण में कहा कि सम्पादक की सत्ता पर सबसे तीखा प्रहार हो रहा है बिगडते स्वरूप में हमें सम्पादक की इस सत्ता की रक्षा करने के लिए गहन चिंतन के आधार पर ठोस कदम उठाने होंगे। प्राईम प्वाइंट चेन्नई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के॰ श्रीनिवासन ने कहा कि शान्तिवन में देशभर से आये पत्रकारों को प्रेस की आजादी का दुरूपयोग रोकने व सकारात्मक एवं जनहित से जुडी पत्रकारिता का प्रसार करने के लिए आगे आना चाहिए। हैदराबाद के वरिष्ठ पत्रकार सीताराम राजू ने पत्रकारों का आह्वान किया कि कर्म व धर्म को ईमानदारी से निभायें तथा संतुलित पत्रकारिता के आदर्श स्थापित करें।
ब्रह्माकुमारीज संस्था के कार्यकारी सचिव ब्र॰ कु॰ मृत्युंजय ने कहा कि अधिकारों की बात करने वाले अपने कर्त्तव्यों को भी पहिचाने। पत्रकारिता का लक्ष्य समाज में शांति व सदभाव बनाये रखते हुए देश को विकास की ओर ले जाना है कलम की ताकत का सदुपयोग करें। समाज को सही दिशा प्रदान करें। व्यवसायिक ता के दबाव में अपराध समाचारों को जरूरत से ज्यादा प्रतिबिम्बित करने के बजाए आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक कार्यों का अधिक से अधिक प्रचार करें तो मीडिया का वर्तमान स्वरूप अवश्य सुधर जायेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को ईश्वरीय अनुभूति जबलपुर की ब्र॰ कु॰ विमला ने करायी तथा संचालन अहमदाबाद की ब्र॰ कु॰ नन्दिनी ने किया।   




Discuss this story on KhabarExpress Forum  

More News: Journalism Seminar Brahma Kumari Ashram Mount Abu

Pelagian Dictionary

रहा
प्रेस
आजादी
दुरूपयोग-द्विवेदी


Comments to this News

Be the first to comment on this News


 
Post Your Comments to this News
 Posting Rules
 
  Name: Email:
 

Top Story of The Day
Latest Articles

Shane Warne, Anil Kumble release his book - Wide Angle


Software Watch

fhTimer




fhTimer is your friendly Timer, Alarm-Clock and Chronometer... Keep track of time, never miss an appointment, and find out where time goes.

Click Here

Powered by
UniqueIdea.net

Bikaner A Unbeliveable movement


Education Special

All right reserved by Khabarexpress.com
Contact Us | Archives | Sitemap | Can't see Hindi ? | News Ticker
Special Edition: Lakshchandi Mahayagya, Camel Festival 2007, Vartmaan Sahitya, Nagar Ek - Nazaare Anek, Bikaner Udyog Craft Mela
Our Network rajb2b.com | khabarexpress.com | uniqueidea.net | PelagianDictionary.com | hindinotes.com
Developed & Designed by Pelagian Softwares