बीकानेर, आज से एक सप्ताह बाद मनाया जाने वाला दिपों का त्यौहार दिपावली को देखते हुए बाजार में भी काफी रौनक दिखने लगा है। इस मौके पर बाजारों में मिठाई, फुटवियर, इलैक्ट्रीक की दूकानों पर भीड उमड रही है। मगर एक तरफ जहां सभी आईटमों की बिक्री जोरो पर है वहीं इलैक्ट्रीक बाजार में चाइनीज उत्पादों ने अपना कब्जा कर लिया है। एक तरफ जहां भारतीय सीमा पर चीनी घुसपैठ लगातार हो रही है। लेकिन फिर भी इन सभी को नजर अंदाज करते हुये चीनी बाजार ने भारतीय बाजार पर अपना कब्जा कर लिया है। लेकिन इनके उत्पादों को रोकने के लिए भारत सरकार ने जब दबाव डाला तो चीन ने अपना दबाव बनाकर वापस अपना व्यापार शुरू कर दिया है। आज भारत में चीन से बने खिलौनें, पतंग, गाडियां, मोबाईल आदि उत्पादों की बिक्री हो रही है। इलैक्ट्रीक व्यापारी उमेश पाण्डे ने बताया कि चाइनीज आईटम जब से बाजार में आए है। उससे जो ब्राण्डेड माल बेचने वाले व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। क्योकि ब्राण्डेड माल के उत्पादों की दर चाइनीज उत्पादों से ज्यादा होने के कारण ग्राहकों की पहली पसन्द चाइनीज आईटम है। चाइनीज आईटमों से सरकार को भी नुकसान हो रहा है क्योकि इन पर कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है। इस कारण टैक्स चोरी के मामले भी लगातार बढ रह है। लेकिन फिर भी सैल्स टैक्स विभाग का इस और कोई ध्यान नहीं गया है। शहर में चाइनीज माल दिल्ली से बसों द्वारा पहंच रहा है। बगैर बिल के आईटम बाजार में धडल्लें से बिक रहे है लेकिन सैल्स टैक्स विभाग के उडन दस्ते द्वारा किसी भी प्रकार की कोई जांच नही की जा रही है। इस कारण चाइनीज माल बेचने वाले बेखोफ अपना व्यवसाय कर रहे है। इलैक्ट्रीक उप्पादों पर किसी भी प्रकार का काई मार्क नहीं है इन उत्पादों की कोई गारन्टी नही होती और यह आईटम खरीदने पर बिल भी नहीं दिया जाता है। इस के कारण उतभोक्ताओं को खतरा रहता है लेकिन बाजारों में इतने बडा कारोबार चाइनीज आईटमों का हो रहा है फिर भी प्रशासन आराम की नींद सो रहा है।
आम बाजार मे उपलब्ध चाइनीज आईटमों प्रमुख की कीमतें :-
चाइनीज माला - सोलहा से पच्चिस रूपए
रोप लाईट - तीस रूपए मीटर
सीएफएल - अठहारह से पच्चिस रूपए मीटर
सो पीस - पचास से सौ रूपए
इमरजेंसी - पेंसठ से एक सौ पच्चिस रूपए