अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली 13 Dec
2008
गहलोत ने जैसे ही पद की शपथ ली तो सारा वातावरण अशोक गहलोत जिन्दाबाद, ‘अशोक गहलोत नहीं यह आंधी है, राजस्थान का गांधी है‘ के नारों से समारोह स्थल गुंजायमान हो उठा।
जयपुर, राजस्थान के राज्यपाल एसके सिंह ने शनिवार को प्रातः 9.15 बजे यहां राजभवन में आयोजित सादे समारोह में अशोक गहलोत को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
गहलोत ने ईश्वर के नाम पर पद एवं गोपनीयता की हिन्दी भाषा में शपथ ली। शपथ के बाद राज्यपाल ने उन्हें सर्व प्रथम बधाई दी।
इससे पहले मुख्य सचिव डी.सी.सामन्त ने राज्यपाल से मनोनीत मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने का आग्रह किया।
गहलोत ने जैसे ही पद की शपथ ली तो सारा वातावरण अशोक गहलोत जिन्दाबाद, ‘अशोक गहलोत नहीं यह आंधी है, राजस्थान का गांधी है‘ के नारों से समारोह स्थल गुंजायमान हो उठा। गहलोत ने गांधीवादी तरीके से अपने चिरपरिचित अंदाज में हाथ जोडकर सभी का अभिवादन एवं बधाई स्वीकार की। गहलोत जैसे ही मंच से उतरे तो लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। इसके बाद वे पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत, केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री नमोनारायण मीणा, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. गिरिजा व्यास, पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे एवं जगन्नाथ पहाडिया के पास गये और उनकी बधाई स्वीकार की।
इस अवसर पर सांसद मुकुल वासनिक, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. सी.पी.जोशी, निर्वतमान कॉग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ बुलाकी दास कल्ला, नव निर्वाचित विधायकगण, सांसद एवं पूर्व मंत्री, प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में आए नागरिक, प्रशासनिक एवं न्यायिक सेवा के अधिकारी मौजूद थे।
शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती मंजूसिंह, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता गहलोत, उनकी पुत्री सोनिया, पुत्र वैभव एवं उनके परिवार के सदस्यगण भी शरीक हुए।
समारोह का प्रारम्भ एवं समापन राष्ट्रगान से हुआ।
अशोक गहलोतः जीवन परिचय
तीन मई, 1951 को महामंदिर, जोधपुर में स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह गहलोत के यहां जन्मे अशोक गहलोत छात्र जीवन से ही सक्रिय राजनीति में हैं। विधि और विज्ञान के स्नातक, गहलोत ने अर्थशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की है।
गहलोत पहली बार 1980 में लोकसभा के सदस्य बने। वे पांचवी बार 1998 में लोकसभा के सदस्य चुने गये। उन्होंने सातवीं, आठवीं, दसवीं और ग्यारहवीं लोकसभा में भी जोधपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वे तीन बार राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष रहे। केन्द्र सरकार में आपने पांच बार मंत्री पद सम्भाला। सबसे पहले 2 सितम्बर, 1982 को गहलोत श्रीमती इंदिरा गांधी की मंत्री परिषद में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय में उप मंत्री बनाये गये। वे दूसरी बार 14 फरवरी, 1983 से 7 फरवरी, 1984 तक पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन उपमंत्री रहे। उन्ह 7 फरवरी 1984 से 31 अक्टूबर, 1984 तक और पुनः 12 नवम्बर, 1984 से 31 दिसम्बर, 1984 तक खेल उप मंत्री बनाया गया। वे 31 दिसम्बर, 1984 से 26 सितम्बर, 1985 तक पर्यटन और नागरिक उड्डयन रा*यमंत्री रहे।
गहलोत वर्ष 1989 में जून से नवम्बर तक राजस्थान सरकार में गृह और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रहे। इसके पश्चात 21 जून, 1991 से 18 जनवरी, 1993 तक उन्ह केन्द्र सरकार में कपडा (स्वतंत्र प्रभार) रा*यमंत्री का दायित्व सौंपा गया।
गहलोत ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि दल के सदस्य के रूप में जनवरी, 1994 में चीन, कॉमनवैल्थ युवा मामलों की परिषद के भारतीय दल के नेता के रूप में साइप्रस, भारतीय दल के नेता के रूप में बुल्गारिया तथा संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दल के सदस्य के रूप में अमेरिका की यात्रा की। जादू एवं देशाटन के शौकीन गहलोत ने इसके अलावा बैंकाक, आयरलैण्ड, जर्मनी, कनाडा, हांगकांग, इटली, दुबई और फ्रांस आदि देशों की यात्राएं भी की।
वे वर्ष 198॰ से 1982 तक लोकसभा की लोक लेखा समिति, दसवीं लोकसभा की संचार परामर्श समिति, दसवीं और ग्यारहवीं लोकसभा के दौरान रेलवे की स्थाई समिति और ग्यारहवीं लोकसभा में ही विदेशी मामलों की सलाहकार समिति के सदस्य रह चुके हैं। गहलोत 1974 से 1979 तक राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
गहलोत वर्ष 2004 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री बनाये गये। उन्हें दिल्ली और कांग्रेस सेवादल का प्रभार सौंपा गया। गहलोत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कार्य समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। वे जनवरी 2004 से 16 जुलाई 2004 तक हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ के भी प्रभारी रहे हैं।
ग्यारहवीं विधानसभा के लिए गहलोत फरवरी, 1999 म उपचुनाव म सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र (जोधपुर) से निर्वाचित हुए। बारहवीं एवं 13वीं विधानसभा के लिए आप सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से लगातार निर्वाचित हुए हैं।
गहलोत ने 1977 में बांग्ला देश के मुक्ति आन्दोलन के दौरान शरणार्थी सहायता शिविरों का सेवाकार्य करने के साथ नेहरू युवक केन्द्र क माध्यम से प्रौढ शिक्षा के प्रसार में भी अपना योगदान दिया। उन्होंने गांधी शांति प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित शिविरों में भाग लिया तथा क*ची बस्तियों एवं झुग्गी झोपडियों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। गहलोत कुमार साहित्य परिषद एवं राजीव गांधी स्मृति बुक बैंक, जोधपुर से भी सक्रियता से जुडे रहे। गहलोत की जनसेवा, जादूगरी और पर्यटन में विशेष अभिरुचि है।
गहलोत 30 नवम्बर 1998 को सर्वसम्मति से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गये। गहलोत 1 दिसम्बर 1998 से 7 दिसम्बर, 2003 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे।
गहलोत को 11 दिसम्बर 2008 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस विधायक दल द्वारा सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया।