जोधपुर, खोजपूर्ण, रचनात्मक, गणेषणात्मक एवं उत्कृष्ट पत्रकारिता के आदर्श मूल्यों के आधार पर दैनिक जलते दीप के संस्थापक सम्पादक माणक मेहता की स्मृति में स्थापित वर्ष 2008 का माणक अलंकरण पुरस्कार दैनिक नवज्योति जोधपुर संस्करण के पत्र्कार अर्जुन पंवार को प्रदान करने की घोषणा की गई है।
मुख्य अतिथि विधिवेता प्रो॰ एस.आर.भंसाली ने यह घोषणा माणक अलंकरण चयन समिति की ओर से शुक्रवार को यहंा डा॰ दशरथमल सिंघवी सभागार गीता भवन में दैनिक जलते दीप के संस्थापक संपादक माणक मेहता की 34 वीं पुण्य तिथि पर आयोजित संगोष्ठी में की। माणक अलंकरण के लिए चयनित पत्रकार अर्जुन पंवार को ग्यारह हजार रूपये की राशि तथा स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र् प्रदान किए जाएंगे। विशिष्ट पुरस्कार (जनसम्पर्क कर्मी) के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग जयपुर के सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी गोविन्द पारीक तथा विशिष्ठ पुरस्कार के लिए राजस्थान पत्र्का सीकर के छायाकार पंकज पारमूवाल का चयन किया गया है। तीसरे विशिष्ठ पुरस्कार के लिए दैनिक जलतेदीप के पत्रकार जगदीश जोशी को चयनित किया गया है। इसमें प्रत्येक को इक्कतीस सौ रूपये की नकद राशि के साथ प्रशस्ति पत्र , स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। माणक अलंकरण समारोह अगले वर्ष दो अक्टूबर को होगा।
इस अवसर पर आयोजित मतदाताओं की जागरूकता और पत्र्कारिता का योगदान विषयक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि विधिवेता प्रो॰ एस.आर. भंसाली ने कहाकि पहले की अपेक्षा आज का मतदाता काफी जागरूक है। संविधान में उन्हें अनेक अधिकार प्रदत्त किए है जिसमें सूचना का अधिकार भी बडा महत्वपूर्ण रहा है जिसके अंतर्गत वे प्रत्येक सूचना प्राप्त करने के हकदार है। पत्रकारों को चाहिए कि वे निष्पक्षता एवं स्वतंत्र्ता पूर्वक समाचारों का प्रकाशन कर अपने महत्वपूर्ण उत्तरदायित्वों का निष्ठा के साथ निर्वहन करते रहे। संगोष्ठी के अध्यक्ष शिक्षाविद् एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रो॰ जहूर खं मेहर ने मतदान के अधिकार के प्रारंभिक काल की विस्तार से जानकारी कराई तथा कहाकि मतदाताओं को मतदान का जो अधिकार मिला है वो कितनी मुश्किलों के बाद मिला है । इस बारे में समाचार पत्रें के माध्यम से उन्हें अवगत करवाया जाएं। उन्होंने कहाकि पत्रकारों को अपनी लेखनी के प्रति सार्थकता पर संदेह की स्थिति से दूर रहने की जरूरत है।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं जनसत्ता कोलकता के पूर्व संपादक श्याम आचार्य ने कहा कि मतदाता आज बडा महत्वपूर्ण हो गया है साथ ही वो पूरी तरह सजग और जागरूक भी है। उन्होंने कहाकि आज का 60 प्रतिशत मतदाता युवा वर्ग है। आज जातिवाद सबसे बडा विकार है । उससे निपटने के लिए सभी पत्रकारों को आगे आना होगा तभी हम नव समाज और जागरूक मतदाता का निर्माण कर सकेंगे। पत्रकारों के संबंध में विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी लेखनी में सधे हुए शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए तभी पाठको पर इसका असर होगा। उन्होंने कहाकि आज की पत्रकारिता में सधे शब्दों का छरण हो रहा है जो ठीक नही। उन्होंने कहाकि जागरूक मतदाता बनाने के लिए हमें अपनी वाणी को साधना होगा तभी हम सिद्घहस्त होंगे। विशिष्ठ अतिथि अरावली इंस्टटयुट ऑफ मैंनेजमेंट के निदेशक वरूण आर्य ने कहा कि आज का मतदाता सजग एवं जागरूक हो गया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में अलग तरह का जनमत उसने दिया है। आज स्वच्छ छवि का वर्चस्व उभर कर सामने आया है। अठारह वर्ष की मतदाता आयु ने मतदान प्रतिशत में भी ईजाफा किया है। उन्होंने कहाकि देश के लिए कुछ कर गुजरने की भावना का विस्तार किया जाना जरूरी है।
संगोष्ठी के प्रारंभ में जलते दीप के प्रधान संपादक पदम मेहता ने अतिथियों का स्वागत किया तथा माणक अलंकरण पुरस्कारों के संबंध में जानकारी दी । संगोष्ठी प्रारंभ से पूर्व सभी अतिथियों ने स्व॰ माणक मेहता के चित्र् के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्प अर्पित किए। संगोष्ठी का संचालन वरिष्ठ पत्रकार गुरूदत्त अवस्थी ने किया तथा अंत में आभार प्रकट किया।