शिक्षा के बिना व्यक्ति के जीवन में अंधेरा- गहलोत
14 Aug
2009
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि शिक्षा के बिना व्यक्ति के जीवन में अंधेरा है, कोई भी देश, समाज व प्रदेश शिक्षा के बिना आगे नहीं बढ सकता है। गहलोत शुक्रवार को अलवर जिले के बहरोड में बाबा खेता नाथ महिला विद्यापीठ भीटेडा परिसर में सेठ राजनारायण गुप्ता महिला विधि महाविद्यालय के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित जन समुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्लोबलाइजेशन के जमाने में यदि हमें दुनिया के अन्य मुल्कों से मुकाबला करना है तो उच्च तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि बडे शहरों के साथ-साथ हमें गॉवों व ढाणी में भी शिक्षा की अलख जगानी होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के संस्थान नहीं होने के कारण गांव की प्रतिभाओं को आगे बढने का अवसर नहीं मिल पाता है, इसलिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा के संस्थान खोलने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान महिला शिक्षा के क्षेत्र में काफी पीछे है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह अपने घर, परिवार, पडौस,गांव में एक भी बालिका को अनपढ नहीं रहने दे। उन्होंने कहा कि कोई भी बालक व बालिका शिक्षा से वंचित नहीं रहे, इसके लिए हमनें 23 हजार राजीव गांधी पाठशालाएं खोली थीं। इसी का परिणाम है कि हम अब शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय सूचकांक के बराबर हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढाने के लिए स्व. राजीव गांधी ने पंचायतों में आरक्षण का प्रावधान किया था, इसी का परिणाम है कि आज हर क्षेत्र में महिलाओं की बराबर की भागीदारी होने लगी है। गहलोत ने पानी बचाओ, बिजली बचाओ, सबको पढाओ के नारे को दोहराते हुए कहा कि हमें इन तीन क्षेत्रों में विशेष योजना बनाकर कार्य करने की जरूरत है। आज पंजाब, हरियाणा जैसे राज्य बिजली संकट से जूझ रहे हैं तथा मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। पैसा देने पर भी बिजली नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश व समाज के लिए कार्य करते हैं, उन्हीं का नाम अमर होता है। भीटेडा गांव में सेठ राजनारायण परिवार का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि विधि महाविधालय की स्थापना से महिलाओं को पढने के बाद उनके अधिकारों के बारे में जानकारी मिल पायेगी, जिससे वे शोषण व अन्याय का मुकाबला कर सकेंगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री एमादुद्दीन अहमद खान ने कहा कि जिस समाज की बालिकाएं पढी लिखी होंगी, वही समाज आगे बढ पायेगा। उन्होंने कहा कि पढने लिखने के बाद व्यक्ति में समझ विकसित होती है, जिससे उन्नति के रास्ते खुलते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ऊर्जा एवं उच्च शिक्षा मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि इलाज के अभाव व भूख से किसी की मौत नहीं हो। उन्होंने कहा कि गरीबों के बच्चे भी निजी क्षेत्रों की तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें, इसके लिए सरकार पीएमटी व पीएटी जैसी परीक्षाओं की सरकारी स्तर पर ही कोचिंग की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी महाविद्यालयों में सभी जगह विज्ञान विषय खोले जा रहे हैं। सरकार 26 हजार करोड रुपये खर्च कर विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में कार्य करने जा रही है तथा 32 सौ करोड रुपये से रबी की फसल के लिए विद्युत खरीद रही है। सांसद जितेन्द्र सिंह ने अलवर में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अलवर को एक विश्वविद्यालय की आवश्यकता है, जिस पर गहलोत को विचार कर जनता की मांग पूरी करनी चाहिए। कार्यक्रम के आयोजक व पूर्व सांसद डॉ. कर्ण सिंह यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में सेठ राजनारायण परिवार के योगदान को अतुल्य बताया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में बालिका छात्रावास बनाने की मांग की, इस पर भामाशाह सेठ श्रीधर गुप्ता ने अक्टूबर माह में छात्रावास का शिलान्यास करने की घोषणा की। ट्रस्टी श्रीमती चित्रलेखा गुप्ता ने विधि महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिए एक करोड रुपये की सहायता दी है। इससे पूर्व गहलोत ने विधि कॉलेज भवन का अवलोकन कर पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री का हैलीपेड पर सम्भागीय आयुक्त किरण सोनी गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री एम.एल.लाठर, जिला कलक्टर कुंजी लाल मीणा, पुलिस अधीक्षक आलोक वशिष्ठ सहित अनेक जन प्रतिनिधियों ने स्वागत किया। समारोह के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने भीटेडा प्राथमिक स्वास्थ्य भवन का लोकार्पण भी किया।
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