डूंगरपुर 14 सितंबर/जिला कलक्टर नीरज के.पवन ने शुक्रवार को पर्यटन विभागीय अधिकारियों के साथ आसपुर क्षेत्र में अवस्थित देवी तीर्थ विजवामाताजी और बेणेश्वरधाम का दौरा किया और यहां पर पर्यटन विकास की दृष्टि से विकास कार्यों की संभावनाओं के बारे में चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए।
आज दोपहर बेणेश्वरधाम पहुंचे कलक्टर ने यहां संग्रहालय में पर्यटन विभाग के अधिकारियों की बैठक लेते हुए बेणेश्वरधाम के लिए वागड-मेवाड पर्यटन सर्किट के तहत 51 लाख रूपयों की लागत के स्वीकृत कार्यों की प्रगति और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप 2 करोड रूपयों के विकास कार्यों की योजना के बारे में जानकारी ली। विभाग के सहायक निदेशक गिरीराजसिंह खुशवाह व उपनिदेशक स्मिता सरोज ने कलक्टर को वागड-मेवाड पर्यटन सर्किट के तहत स्वीकृत तीन कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी दी और दो करोड रूपयों की योजना के लिए अहमदाबाद के आर्किटेक्ट द्वारा तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के बारे में बताया।
पर्यटन विभागीय अधिकारियों व कलक्टर ने इस दौरान बेणेश्वरधाम परिसर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल सुविधाओं के लिए बनाई जा रही पेयजल हट के बारे में बताया। कलक्टर ने इसे धाम के सौन्दर्य के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए और कहा कि इससे इस धाम की सुन्दरता में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने मौजूद कनिष्ठ अभियंता को बेणेश्वरधाम शिवालय के पार्श्व में पर्यटन विभाग द्वारा बनाए जा रहे शौचालयों का स्थान परिवर्तित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि इसे अन्य किसी उपयुक्त स्थान पर बनाया जाए। कलक्टर ने कनिष्ट अभियंता को टंकी निर्माण, घाटों की मरम्मत और राधाकृष्ण मंदिर से आबूदर्रा तक के लिए सीधी सीढयों का प्रस्तावित निर्माण कार्य एक सप्ताह में प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों व कलक्टर ने इस दौरान मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप दो करोड रूपयों के विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित स्थलों का भी दौरा किया और इस संबंध में अहमदाबाद के आर्किटेक्ट से योजना तैयार करवाने पर चर्चा की।
इसके बाद कलक्टर और विभागीय अधिकारी विजवाधाम पहुंचे। यहां पर उन्होंने धाम परिसर का अवलोकन किया और विभिन्न विकास कार्यों की आवश्यकताओं के बारे में पं.वासुदेवगिरी तथा जनप्रतिनिधि मोतीलाल मीणा व अन्य जनों से चर्चा की। कलक्टर ने इस दौरान कहा कि विजवामाता धाम के प्राकृतिक स्वरूप से किसी प्रकार की छेडछाड नहीं की जाए और इसमें पर्याप्त मात्रा में पौधरोपण करते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं के आवास इत्यादि की पुख्ता व्यवस्थाएं की जाए। उन्होंने धाम परिसर में रहने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चहारदिवारी के निर्माण, मुख्य द्वार और परिसर के समतलीकरण तथा पेयजल की सुविधाओं की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
कलक्टर ने मौजूद श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि मुख्यमत्री के निर्देशानुसार इसके विकास के लिए विस्तृत योजना तैयार करवाई जाएगी। पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक गिरीराजसिंह खुशवाह व उपनिदेशक स्मिता सरोज ने अहमदाबाद के आर्किटेक्ट से इसके लिए योजना बनवाने का सुझाव दिया। इस दौरान जिला पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडया भी मौजूद थे।
विद्यानिकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती में हिन्दी दिवस संकुल प्रभारी कान्तिलाल पाटीदार के सानिध्य में मनाया गया। इस अवसर पर पाटीदार ने हिन्दी भाषा को राष्ट्र की अमूल्य निधि बताते हुए इस हेतु विशेष रूप से जागरूक रहने की आवश्यकता बताई। प्रवीण पण्डया ने ने भी अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने भी हिन्दी दिवस से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन रंजना पण्डया ने किया।
राजकीय देवेन्द्र बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में हिन्दी दिवस प्रधानाचार्या देवी जोशी की अध्यक्षता में मनाया गया। प्रधानाचार्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिन्दी एक पूर्ण वैज्ञानिक भाषा है, तथा इसे हमारी राष्ट्रभाषा होने का गौरव प्रत्येक भारतवासी में होना चाहिए। व्याख्याता मंजू मेहता ने हिन्दी भाषा का महत्व प्रदर्शित किया। छात्राओं आंचल सोमपुरा ने कविता एवं वैशाली ने गीत प्रस्तुत किया।