बीकानेर। इंश्योरेंस सेक्टर में बढती प्रतिस्पर्द्धा के चलते उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए बच्चों को जरिया बनाया जा रहा है। स्कूलों में बढ रहे इस ट्रेण्ड से पिछले दिनों तक कंपनियां जहां घर-घर फोन करके लोगों को बुलाने के लिए जतन करती थी, अब अभिभावक उल्टा फोन करते हैं और बच्चों के साथ कंपनी के दफ्तर पहुंचते हैं। इंश्योरेन्स कम्पनियां स्कूलों में चित्रकला, सामान्य ज्ञान, वाद-विवाद और अन्य कई प्रतियोगिताएं आयोजित करवा रही हैं। ज्यादातर प्रतियोगिताएं छोटी कक्षाओं के लिए होती है। प्रतियोगिता के एन्ट्री फार्म में बच्चों से पते, फोन नम्बर ले लिए जाते हैं। जब प्रतियोगिता का परिणाम जारी होता है तो विजेता बच्चों की लम्बी सूची स्कूल को भेजते हैं और कंपनी का नम्बर देकर कहा जाता है कि कंपनी के कार्यालय में पहुंच कर संफ करने पर बच्चे को पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार की आस में अभिभावक कंपनी पहुंचते हैं और वहां शुरू हो जाती है इंश्योरेंस की पाठशाला। कंपनी की ओर से ज्यादा से ज्यादा लोगों को आकर्षित करने के लिए जितने भी बच्चे प्रतियोगिता में भाग लेते हैं सभी को पुरस्कार योग्य घोषित कर दिया जाता है। स्कूल सभी विद्यार्थियों को सूचित कर देते हैं। फोन पर बात करने पर पता चलता है कि पुरस्कार लेने के लिए माता-पिता के साथ आना जरूरी है। अब तक इंश्योरेंस में निवेश करने के लिए कंपनियां कई तरह से लोगों को आकर्षित करती आई है। कभी घर फोन करके लकी नम्बर विजेता बताया जाता है तो कभी सदस्य बनाओ लाभ पाओ योजना के तहत उपभोक्ता बनाए जाते हैं। कई कंपनियां कॉलसेंटर्स के जरिए उपभोक्ताओं को नई योजनाओं की जानकारी देते हैं।