जयपुर, जवाहर कला केन्द्र की ’’सुकृति कला दीर्घा’’ में फ्रांस की चित्रकार फ्रांस्वाज बैरो के फोटोग्राफ्स की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। जवाहर कला केन्द्र और इन्डो फ्रेंच कल्चरल सोसायटी, जयपुर (आलियांस फ्रांसेस द जयपुर) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी में चित्रकार द्वारा कुत्तों की दुर्दशा का सजीव चित्रण करने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन बुधवार को राजस्थान आवासन मण्डल की अध्यक्ष रुकमणि हल्दिया द्वारा किया गया।
चित्रकार ने बताया कि हजारों वर्षों पूर्व भारत म लिखी गई पंचतंत्र की कहानियों में कुत्ते का उल्लेख है। सम्भवतः यह मानव का सबसे पुराना साथी, वफादार और उपयोगी जानवर है किन्तु इसे बडी हीन दृष्टि से देखा जाता है। इसे मारने में भी लोग नहीं हिचकिचाते। भारत व अन्य देशों में कुत्ते की इसी दुर्दशा ने कलाकार को उसके चित्र तैयार करने, वीडियो फिल्म बनाने और पुस्तक लिखने को प्रेरित किया है। पुस्तक का शीर्षक है ’’गिव ए डॉग ए बैड नेग एंड हैंग हिम’’।
इंडो फ्रेंच कल्चरल सोसायटी की अध्यक्ष आशा पांडे ने बताया कि सभी जीवों को जीने का अधिकार है। भारतीय संस्कृति में चींटी सहित सभी पशु-पक्षियों को दाना व चारा डालने की परम्परा है। कुत्तों को भी रोटी देना अच्छा समझा जाता है। जीव जगत के प्रति सहिष्णुता की भावना से प्रेरित होकर छायाकार ने यह प्रदर्शनी आयोजित की है।
प्रदर्शनी आगामी 16 जनवरी तक पूर्वान्ह 11 से 7 बजे तक अवलोकनार्थ खुली रहेगी।