बीकानेर, प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास है तथा हम समस्त व्यक्ति इस मानवता के कल्याण हेतु कार्यरत है। उक्त विचार अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर में भारतीय प्रबन्ध प्रणाली पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के अवसर पर सम्वत् स्वामी सोमगिरिजी महाराज ने व्यक्त किये है। स्वामी जी ने कहा कि नैतिक मूल्यों पर सुदृढ रह कर प्रेम, दया व करूणा के भाव के साथ जीवनयापन करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। स्वामी जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व में सर्व श्रेष्ठ है क्योकि यह प्रत्येक जीव का कल्याण व वशुधेव कुटम्बकम् पर आधारित है। स्वामी जी ने भारतीय प्रबन्ध प्रणाली को विश्व में बेहतरीन बताते हुए कहा कि मानव व्यवहार उद्यमिता, श्रेष्ठ प्रशासन का आधार भगवत् गीता है। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कॉलेज प्राचार्य प्रो. एम.पी. पूनिया ने भारतीय प्रबन्ध प्रणाली के प्रणेता स्वामी विवेकानन्द की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानन्द के जीवन से युवाओं को चरित्र निर्माण, राष्ट्र प्रेम व समर्पण की कोटि सीखनी चाहिए। कार्यशाला में प्रबन्ध अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र व्यास व सेन्टर फॉर इथिक्स मैनेजमेंट के समन्वयक डां. गौरव बिस्सा ने अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन मैनेजमेंट की छात्रा प्रगति रांका ने किया।