चैत्र शुक्लपक्ष प्रतिपदा मंगलवार से नवसंवत्सर 2067 का शुभारंभ होगा। नवसंवत्सर की शुरुआत के साथ ही ग्रहों का सत्ता परिवर्तन होगा। शोभन नाम के इस हिंदी वर्ष का राजा मंगल होगा, जबकि मंत्री बुध बनेंगे।पं.बंशीधर जयपुर पंचांग निर्माता पं. दामोदरप्रसाद शर्मा ने बताया कि विश्व के राष्ट्रों के संचालन के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का चुनाव और मंत्रिमंडल की तरह ही आकाशीय ग्रहों का मंत्रीमंडल परिवर्तित होता है। ग्रहों के सत्ता परिवर्तन से विश्व में भारत का वर्चस्व नवसंवत्सर का राजा मंगल के नीच राशि में होने से सत्ता पक्ष में परस्पर मतभेद की स्थितियां उत्पन्न होंगी। कहीं भीषण अग्रिकांड, भूकंप व आगजनी की घटनाओं में वृद्धि होगी। कई राज्यों में वर्षा की कमी के संकेत मिलेंगे। इससे धान्यों का अभाव रहेगा। जनता महंगाई से परेशान रहेगी। सीमा प्रांतों में सैन्य क्षमताओं की वृद्धि के इंतजाम किए जाएंगे। मंत्री बुध के नीच राशिगत होने से वायु की अधिकता से फसलों को नुकसान के आसार रहेंगे। जनता में हर्ष व संतोष का वातावरण रहेगा।