हनुमानगढ १५ जून । राज्य सरकार ने राज्य में कार्यरत समस्त प्राईवेट सिक्युरिटी एजेन्सीज को सरकार से अनिवार्य रूप से लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही अपना व्यवसाय शुरू करने को कहा है। जिला कल्क्टर व जिलस मजिस्ट्रेट श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार के संज्ञान में आया ह कि वर्तमान में अनेक सुरक्षा एजेन्सियां बिना लाइसेंस प्राप्त किये कार्य कर रही हैं जबकि दी राजस्थान प्राइवेट सिक्युरिटीज एजेन्सीज (विनियमन), नियम २००६ दिनांक ११ अक्टूबर, २००६ को अधिसूचित हो गये हैं। अतः यह आवश्यक है कि राज्य में कार्यरत समस्त प्राईवेट सिक्युरिटीज एजेन्सीज इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त करें। विधिक प्रावधानों के तहत यदि कोई व्यक्ति या संस्था अधिनियम के लागू होने की तिथि १५ मार्च २००६ से एक वर्ष की अवधि के उपरांत भी बिना लाइसेंस प्राप्त किये व्यवसाय करता है उसे अधिनियम के अन्तर्गत एक वर्ष के कारावास अथवा २५ हजार हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। ऐसी सिक्युरिटीज एजेन्सियां जिनके द्वारा अब तक बिना लाइसेंस प्राप्त किये कार्य/व्यवसाय किया जा रहा है, उन्हें शीघ्र लाइसेंस प्राप्त करने के लिए निर्देशित करें। साथ ही विभिन्न विभागों में विभागीय स्तर पर प्राइवेट सिक्युरिटी एजेन्सियों के साथ किये जाने वाले अनुबन्धों में भी उक्त लाइसेंस प्राप्त करने की शर्त को अनिवार्य किया जायेगा। अधिनियम के अन्तर्गत लाइसेंस हेतु प्रार्थना पत्रा निर्धारित प्रपत्रा में निर्धारित शुल्क क साथ शासन सचिव गृह (सुरक्षा) विभाग को प्रेषित किये जायें।
ऐसी एजेन्सियां जिन्होंने १४ मार्च २००७ तक भी पंजीयन नहीं कराया है और ना ही इस अवधि तक लाईसेंस के लिए गृह विभाग में आवेदन किया है उनके खिलाफ उक्त अधिनियम के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी और उन्हें सुरक्षा गार्ड सेवा नहीं देने के लिए पाबंद किया जाएगा । भले ही ऐसी एजेंसियों ने किसी और से अन्य कानूनी प्रावधानों के अनुसार अन्य विभाग से पंजीयन करा रखा हो । बिना वैध अनुज्ञापत्रा के ऐसी किसी संस्था, एजेन्सी से सुरखा गार्ड किसी भी कार्यालय में नहीं रखा जाएगा । जिला कलक्टर ने इस सम्बंध में जिला पुलिस अधीक्षक व श्री गंगरनगर के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को निर्देर्शों की पालना सुनिश्चित करने को कहा है।