१५ जून से २९ जून तक के इस शिविर मे कुश्ती के २५ और योग के २० प्रशिक्षणार्थियों का इुआ चयन, दो सप्ताह तक चलने वाले इस शिविर मे प्रतिदिन दो घंटे का होगा प्रशिक्षण
”योग में जीवन की समस्याओं का समाधान छुपा है। जरूरत है उसे इस दृष्टि से जीवन के आचरण और व्यवहार में ढालने की। कुश्ती और योग का समन्वय ही मजबूत भारत के निर्माण में एक प्रभावी कदम होगा।“ प्रसिद्ध योगाचार्य एवं वरिष्ठ उप जिला शिक्षा अधिकारी (शा. शिक्षक) डॉ पन्नालाल पुरोहित “आदमी” ने ये उद्गार व्यक्त किए। आज श्री मारुति व्यायाम मन्दिर सभागार मे मुख्य अतिथि के रूप मे बोलते हुए डॉ पुरोहित ने कहा कि जहाँ कुश्ती शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाती है वहीं योग मन के साथ तन को भी मजबूत करता है।
इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि श्री नवल किशोर किराडू ने कहा प्रशिक्षाणार्थियों को चाहिए कि वे हमारी विरासत का संरक्षण करते हुए उसका परिवर्धन करे। यह हमारे समाज की उच्चतम उपलब्धि होगी।
शिविरार्थियों को सम्बोधित करते हुए कुश्ती के प्रशिक्षक एवं उस्ताद अन्तर्राष्ट्रीय पहलवान मनोहरजी किराड ने कहा कि पारम्परिक खेल संस्कृति का सुनहरा रूप होते हैं। ये हमें संस्कृति के विराट् मानव मूल्यों से जोडते हैं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष गुरूमंडल क्लब के कालीचरण रंगा ने कहा कि प्रशिक्षण से जीवन में कौशल का विकास होता है जिससे जीवन की गुणवता बढती है। अतः प्रशिक्षण एक श्रेष्ठ प्रक्रिया है। और हमे नियमित रूप से इसे जीवन मे अपनाते रहना चाहिए।
शिविर संचालन प्रंबधन मंडल ने यह भी तय किया है कि शिविर के दौरान चयनित प्रतिभाओं को संस्था की ओर से सालभर कुश्ती एवं योग विद्या का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि मारुति व्यायाम मंदिर ने हर वर्ष की भॉति इस वर्ष भी निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है। जिसमें १८ वर्ष से कम आयु के शिविरार्थियों को दो सप्ताह तक संस्था परिसर में सायं ६ से ८ बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ब्रजरतन जोशी किया।